आशा कार्यकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की:एटा में अनिश्चितकालीन धरना शुरू, 18 हजार रुपये मासिक मानदेय और कार्य बहिष्कार जारी
एटा के कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना और नारेबाजी की। यह प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर 2 बजे से जारी है। आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांग उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करना है। उनका कहना है कि वे स्वास्थ्य विभाग की जमीनी व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन नियुक्ति के बाद से उनके जीवन स्तर में सुधार नहीं हुआ है। कम से कम 18 हजार रुपए वेतन मिले कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचा रही हैं, फिर भी उन्हें सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिलते। उन्होंने 'जो अधिकार दिलाएगा वह सरकार में आएगा' के नारे भी लगाए। उनकी मांग है कि जब तक उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक नियुक्ति की तारीख से हर महीने कम से कम 18 हजार रुपये वेतन दिया जाए। यह प्रदर्शन संगठन की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा देवी के नेतृत्व में हो रहा है।
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