आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी:बागपत में मानदेय बढ़ाने, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 14वें दिन भी धरना जारी
बागपत जिला अस्पताल में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आशा-आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने शासन और प्रशासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे कार्य बहिष्कार कर जन आंदोलन शुरू करेंगी। धरने पर बैठी आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रही हैं। गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप मानदेय और आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आशा एवं आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये और आशा संगिनी का मानदेय 26 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। इसके अलावा आशा संगिनी को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन कर रही सभी कार्यकर्ताओं को 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा देने और बीमा प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा सभी को 5जी मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा मानदेय में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने मानदेय में बढ़ोतरी सहित सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। आशा-आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। यदि शासन स्तर से जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो वे कार्य बहिष्कार कर व्यापक जन आंदोलन शुरू करने और धरने को अनिश्चितकालीन करने के लिए मजबूर होंगी।
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