अभिनेत्री कंगना केस में रिविज़न पर हुई बहस:21 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई, किसानों पर अभद्र टिप्पड़ी का है आरोप
किसानों के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रणौत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आगरा की जिला अदालत में मंगलवार को उनके खिलाफ दाखिल रिवीजन पर बहस हुई। वादी पक्ष ने पुलिस की जांच रिपोर्ट और कंगना का बयान दर्ज नहीं किए जाने पर सवाल उठाए। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) ने बहस और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को जिला जज संजय कुमार मलिक की अदालत में होगी। राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को कंगना रणौत के खिलाफ किसानों पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए अदालत में परिवाद दाखिल किया था। वादी पक्ष का कहना है कि पुलिस ने अदालत के आदेश के बावजूद कंगना का बयान स्वयं दर्ज नहीं किया। इसके बजाय उनकी अधिवक्ता का बयान लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई। वादी ने इसे अधूरी जांच बताते हुए अदालत में चुनौती दी है। रमाशंकर शर्मा ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर मांग की थी कि कंगना रणौत का बयान व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज कराया जाए। हालांकि, विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उनकी मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद वादी पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया। मंगलवार को हुई सुनवाई में वादी पक्ष ने अपनी दलीलें रखीं। अब डीजीसी के जवाब और आगे की बहस के बाद मामले में अगली कार्रवाई होगी। छात्रों पर कथित टिप्पणी का मामला भी अदालत में कंगना रणौत के खिलाफ छात्रों को कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ कहने के मामले में भी आगरा में कानूनी कार्रवाई चल रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने इस मामले में विशेष एमपी-एमएलए अदालत में परिवाद दाखिल किया था। आरोप है कि कंगना ने 27 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ टिप्पणी की थी। विशेष अदालत ने 3 सितंबर को परिवाद खारिज कर दिया था। इसके बाद वादी ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया। इस मामले में 14 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित थी।
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