अधिवक्ता हत्याकांड में भाजपा नेता-बेटे को जेल:मृतक के परिजनों ने 4 घंटे नहीं उठने दिया शव, मुआवजा- नौकरी संग सुरक्षा मांगी

Oct 16, 2026 - 20:00
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अधिवक्ता हत्याकांड में भाजपा नेता-बेटे को जेल:मृतक के परिजनों ने 4 घंटे नहीं उठने दिया शव, मुआवजा- नौकरी संग सुरक्षा मांगी
प्रयागराज में अधिवक्ता सतीश चंद्र श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और भाजपा नेता देवेंद्र नाथ मिश्रा और उसके बेटे नृपेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। वहीं, दूसरे बेटे अमरेंद्र मिश्रा और पत्नी शैल मिश्रा की तलाश की जा रही है। पुलिस अन्य 10 अज्ञात आरोपियों की पहचान करने में भी जुटी है। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर करीब चार घंटे तक शव नहीं उठने दिया। परिवार ने एक लाख रुपये मुआवजा, दोनों बेटियों को नौकरी, आजीवन सुरक्षा और आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज नहीं करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों की ओर से समझाने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब 6:30 बजे परिजन माने। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। परिवारवाले मांगों पर अड़े, पुलिस मनाती रही शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन शव लेकर करीब 2:30 बजे घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और दोनों बेटियों को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके अलावा परिजनों ने स्पष्ट किया कि मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज नहीं होनी चाहिए और हत्या में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। परिजनों ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग भी उठाई। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उन्हें समझाने में जुटे रहे। करीब चार घंटे तक मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। आखिरकार शाम करीब 6:30 बजे दो आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य मांगों पर उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए। पत्नी बोली, कैसे होगा गुजारा-बेटियों की शादी पुलिस अफसरों के सामने मृतक की पत्नी वर्षा श्रीवास्तव ने कहा, पति परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। मेरे पास दो बेटियां हैं। अब कैसे परिवार का गुजारा होगा। बेटियाें की शादी कैसे होगी। जो मेरे पति को मार सकता है, वह हम लोगों की भी जान ले जा सकता है। दूसरे बेटे-पत्नी समेत अज्ञात हमलावरों की तलाश डीसीपी सिटी सागर जैन ने बताया कि अधिवक्ता की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा और उसके बेटे नृपेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है। मुकदमे में देवेंद्र का दूसरा बेटा अमरेंद्र मिश्रा और उसकी पत्नी शैल मिश्रा भी नामजद हैं। दोनों की तलाश की जा रही है। इसके अलावा घटना में शामिल बताए जा रहे 10 अज्ञात आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। नजूल की संपत्ति पर कब्जे को लेकर पुराना विवाद पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी देवेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि सतीश चंद्र श्रीवास्तव के साथ उसका काफी समय से नजूल की संपत्ति पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से पहले भी एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को देवेंद्र नाथ मिश्रा अपने बेटे नृपेंद्र और अन्य लोगों के साथ विवादित जमीन पर कब्जे की नीयत से पहुंचा। आरोप है कि सभी बाउंड्री कूदकर अंदर घुसे। इसके बाद सतीश चंद्र श्रीवास्तव के साथ मारपीट की गई और देवेंद्र ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल सतीश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 30 भी जोड़ी अधिवक्ता हत्याकांड में पुलिस ने अब आर्म्स एक्ट की धारा 30 भी जोड़ दी है। यह धारा शस्त्र लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन से संबंधित है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वारदात में लाइसेंसी रिवॉल्वर का इस्तेमाल किए जाने के कारण लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन का मामला बनता है। पुलिस इस मामले में हत्या के आरोपों के साथ-साथ हथियार के इस्तेमाल और लाइसेंस की शर्तों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। धारा 30 जोड़े जाने से मामले में शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग से संबंधित कानूनी पहलू भी शामिल हो गया है।

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