अमेठी ग्रामीण बैंक में 11.33 लाख के गबन का मामला:37 खातों में फर्जीवाड़े का आरोप, कोर्ट ने FIR के दिए आदेश
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की हरगांव शाखा गौरीगंज, जिला अमेठी में व्यापक वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़े और 11,33,930.08 रुपये के गबन का बड़ा मामला प्रकाश में आया है। सुलतानपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष जामो अमेठी को दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आदेश प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर FIR दर्ज कर अनुपालन आख्या अदालत में प्रस्तुत की जाए। वर्तमान शाखा प्रबंधक पंकज कुमार शर्मा पुत्र हरीनाथ शर्मा निवासी खेरी डोडापुर, थाना गोसाईंगंज सुल्तानपुर द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के अनुसार, बैंक के पूर्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अन्य सह-अभियुक्तों की मिलीभगत से कुल 37 विभिन्न बचत खातों से धोखाधड़ी कर धनराशि का गबन किया। पैसों को अवैध रूप से निकाला आरोप है कि तत्कालीन बैंककर्मियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए कूटरचना के जरिए खाताधारकों के पैसों को अवैध रूप से निकाला और अन्य निजी खातों में अंतरित किया। मानसमानि पाण्डेय पुत्र त्रिभुवननाथ शरण पाण्डेय, निवासी सातनपुरवा, थाना शिवरतनगंज, अमेठी, तत्कालीन सहायक प्रबंधक (निलंबित), राहुल कुमार सिन्हा पुत्र सुनील कुमार सिन्हा, निवासी प्रोफेसर कालोनी, धनबाद, झारखंड तत्कालीन कार्यालय सहायक (निलंबित), रामआधार पुत्र रामबोध यादव, निवासी पूरे सिताब राय हरदो, थाना गौरीगंज, अमेठी तत्कालीन कार्यालय सहायक (सेवानिवृत्त), कौशल किशोर श्रीवास्तव पुत्र भोलानाथ श्रीवास्तव, निवासी रिकाबगंज, अयोध्या) तत्कालीन शाखा प्रबंधक (सेवानिवृत्त), अजीत कुमार विश्वकर्मा पुत्र जगपाल विश्वकर्मा, निवासी पूरे शुक्लन अहद, थाना जामो, अमेठी, मो० अहमद पुत्र अब्दुल गफ्फार, निवासी भवानीगढ़, अमेठी), पूनम द्विवेदी पत्नी विनोद कुमार द्विवेदी, निवासी पूरे गौरीशंकर दूबे, अमेठी), आकांक्षा पाण्डेय (पुत्री विजय कुमार पाण्डेय, निवासी सातनपुरवा, थाना शिवरतनगंज, अमेठी, रोहित कुमार सिन्हा (सुपुत्र सुनील कुमार सिन्हा, निवासी प्रोफेसर कालोनी, धनबाद, झारखंड) पर कार्रवाई हुई है। अन्य खातों में धनराशि गबन में सहयोग इनमें शुरुआती चार आरोपी बैंक कर्मी/पूर्व अधिकारी हैं, जबकि आरोपी इसके अलावा नामद आरोपियों पर अन्य खातों में धनराशि गबन में सहयोग का आरोप है। शाखा के खाताधारक दीपेन्द्र कुमार ने जब अपने खाते में गड़बड़ी की शिकायत शाखा प्रबंधक से की, तब मामले की पड़ताल शुरू हुई। जांच के दौरान 37 खातों में व्यापक कूटरचना और हेरफेर पाई गई। इसके बाद बैंक प्रबंधन द्वारा जामो थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया, किंतु पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने पर बैंक प्रबंधन ने कोर्ट की शरण ली। न्यायालय ने पत्रावली व साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात पाया कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध घटित होना प्रतीत होता है। सीजेएम कोर्ट ने थाना प्रभारी जामो को सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी पंजीकृत कर 7 दिवस के भीतर न्यायालय को अवगत कराने का कड़ा निर्देश जारी किया है।
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