अमरोहा में श्रीमद् भागवत कथा:कथावाचक बोले- भगवान विष्णु के प्रति भक्त प्रहलाद की अटूट आस्था
अमरोहा में हसनपुर क्षेत्र के गांव हथिया खेड़ा के शिव मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक सुरेंद्र सिंह भारद्वाज ने भक्त प्रहलाद और हिरणाकश्यप की कथा का वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि हिरणाकश्यप दैत्य ने घोर तप किया। तप से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी प्रकट हुए और कहा कि मांगों जो मांगना है। यह सुनकर हिरणाकश्यप ने अपनी आंखें खोलीं और ब्रह्मा जी को अपने समक्ष खड़ा देख कर कहा कि प्रभु, मुझे केवल वही वरदान चाहिए कि मैं ना दिन में मरूं, ना रात को, ना अंदर, ना बाहर, ना कोई हथियार काट सके, ना आग जला सके, ना ही मैं पानी में डूब कर मरूं, सदैव जीवित रहूं। ब्रह्मा जी ने उसे वरदान दिया। हिरणाकश्यप का पुत्र प्रहलाद भगवान विष्णु का परम भक्त था, जबकि हिरणाकश्यप भगवान विष्णु को शत्रु मानता था।
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