AMU छात्रसंघ के साथ कोर्ट काउंसिल के भी होंगे चुनाव:एएमयू इंतजामिया ने जारी किया संशोधित आदेश, एएमयू कोर्ट में भी चुने जाएंगे 11 छात्र प्रतिनिधि
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ की बहाली और चुनाव की मांग को लेकर चले आंदोलन के बाद अब विश्वविद्यालय की एक और महत्वपूर्ण संस्था में छात्र प्रतिनिधित्व का रास्ता खुल गया है। छात्रसंघ चुनाव के साथ ही एएमयू कोर्ट में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। इंतजामिया ने इसके लिए प्रो. जावेद तालिब को मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। 12 अक्टूबर को जारी संशोधित अधिसूचना के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न संकायों से छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाएगा।
एएमयू में छात्र प्रतिनिधित्व का यह मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि विश्वविद्यालय की नीतियों और बड़े फैसलों पर विचार करने वाली कोर्ट में छात्रों की आवाज सीधे पहुंचती है। पिछले करीब आठ साल से छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव नहीं हुए थे। अब चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से विश्वविद्यालय के निर्णयों में छात्रों की भागीदारी फिर बढ़ने की उम्मीद है।
कोर्ट में 11 छात्र प्रतिनिधियों का होगा चुनाव
एएमयू कोर्ट में विभिन्न संकायों से 11 छात्र प्रतिनिधि चुने जाने हैं। इनका चयन मतदान के जरिए होगा। चुनाव विश्वविद्यालय के एएमयू ऑर्डिनेंस (एग्जीक्यूटिव) के अध्याय-15 और संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अनुसार कराए जाएंगे। कुलपति की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रो. जावेद तालिब, विधि विभाग, चुनाव प्रक्रिया का संचालन करेंगे।
छात्र प्रतिनिधि कोर्ट की बैठकों में विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे, शैक्षणिक समस्याएं, छात्रहित और विश्वविद्यालय की नीतियों से संबंधित सुझाव रख सकेंगे। इससे छात्रों को अपनी समस्याएं सीधे उस संस्था तक पहुंचाने का मंच मिलेगा, जहां विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण मामलों पर विचार-विमर्श होता है।
कुलपति के चयन में भी हो सकती है भूमिका
एएमयू कोर्ट की भूमिका केवल छात्र समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय की वैधानिक व्यवस्था में कोर्ट की अहम भूमिका होती है और कुलपति के चयन की प्रक्रिया में भी इसकी भूमिका रहती है। ऐसे में कोर्ट में निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, कुलपति चयन में उनके मताधिकार और उसकी प्रक्रिया का निर्धारण लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुसार होगा।
विश्वविद्यालय की तीन प्रमुख संस्थाओं में एक है कोर्ट
एएमयू के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन में कोर्ट, एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनमें एएमयू कोर्ट व्यापक प्रतिनिधित्व वाली संस्था है। इसमें विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों और विभिन्न निर्धारित श्रेणियों के सदस्यों के साथ छात्र प्रतिनिधित्व का भी प्रावधान है। कोर्ट विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण मामलों और नीतिगत विषयों पर विचार करने वाला प्रमुख निकाय है।
कोर्ट में छात्रसंघ से जुड़े पदाधिकारियों की भागीदारी भी अलग व्यवस्था के तहत होती है। इसमें छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और चौथा सदस्य छात्रसंघ का सबसे ज्यादा वोट लाने वाला सदस्य शामिल होता है। इसके अलावा निर्वाचित 11 छात्र प्रतिनिधियों को सीधा चुनाव के जरिये एएमयू कोर्ट में शामिल किया जाता है।
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