AMU की जमीन का फर्जी सौदा कर 49 लाख ठगे:आईजी हॉल के पास की भूमि का 1.75 करोड़ में सौदा, नक्शा खुला तो फर्जीवाड़ा सामने आया
एएमयू की जमीन को अपना बताकर 1.75 करोड़ रुपये में सौदा करने और खरीदार से 49 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 11 लोगों ने एक कथित दलाल के साथ मिलकर 1669 वर्ग गज जमीन का बैनामा, मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसान प्रमाण पत्र दिखाकर भानुप्रताप सिंह को भरोसे में लिया। जमीन मौके पर भी दिखाई गई। सौदा तय होने के बाद आरटीजीएस और अलग-अलग चेक से 49 लाख रुपए ले लिए गए। बार-बार नक्शा मांगने पर भी नहीं दिया। आखिरकार अधिवक्ता के जरिए बैनामे की प्रमाणित प्रति और नक्शा निकलवाया गया तो जिस जमीन को बेचा जा रहा था, वह एएमयू की निकली। मामले में भानुप्रताप सिंह निवासी 1/2482 हेमंत नगर, संजय गांधी कॉलोनी ने एसपी सिटी को तहरीर दी है। इसमें गीता पुत्री स्व. इंद्रपाल पत्नी जयपाल सिंह और उसके बेटे अंकुर सोलंकी निवासी 144 शिवपुरी, खुर्जा; दीपक गुप्ता पुत्र स्व. प्रकाशचंद्र निवासी 17/40 गंभीरपुरा, हाल निवासी आर्चिड कावेरी सिम्प्लेक्स चिलकौरा, क्वार्सी; अंकित पुत्र स्व. राजकुमार उर्फ राजू निवासी 5 मुरारी नगर, खुर्जा; विकास गुप्ता और रिंकू गुप्ता पुत्रगण इंद्रपाल निवासी कालिंदी कुंज, मुरारी नगर, खुर्जा; नैना गुप्ता पत्नी स्व. विजय गुप्ता निवासी 5126 हरफूल सिंह बिल्डिंग, घंटाघर, सब्जी मंडी, मलका गंज, उत्तरी दिल्ली; पूनम जालान पत्नी कमल जालान, पुत्री स्व. इंद्रपाल निवासी 46/2 चूड़ी वाली गली, हाथरस; रैनू देवी पुत्री स्व. सुभाषचंद्र पत्नी हीरालाल जैसवाल निवासी सादाबाद, हाथरस; राहुल पुत्र सूरजपाल सिंह निवासी मांकरी, जीटी रोड, अलीगढ़ और कथित दलाल विजय चंदेल को आरोपी बनाया गया है।
पहले घर पहुंचे, फिर मौके पर ले जाकर दिखाई जमीन
तहरीर के अनुसार, 25 जून 2025 को दोपहर करीब एक बजे आरोपी भानुप्रताप के घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने सरला देवी के नाम का बैनामा, उनका मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसान प्रमाण पत्र दिखाया। बताया कि सरला देवी की 1669 वर्ग गज जमीन मौजा कस्बा कोल के गाटा संख्या 1127 में लाल डिग्गी रोड पर स्थित है।
इसके बाद आरोपी शिकायतकर्ता को जमीन दिखाने मौके पर ले गए। आरोप है कि आईजी गर्ल्स हॉस्टल और मस्जिद के बीच अंदर जाने वाली सड़क पर हॉस्टल के बाद दाईं तरफ खाली पड़ी जमीन को अपनी जमीन बताया गया। इसके बाद दोबारा आने की बात कहकर सभी चले गए।
नक्शा मांगा तो टालते रहे, भरोसे पर तय हुआ 1.75 करोड़ का सौदा
27 जून को आरोपी फिर भानुप्रताप के घर पहुंचे। उन्होंने बैनामा तो दिखाया था, लेकिन उसके साथ लगा नक्शा नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने नक्शे की प्रति मांगी तो बाद में देने की बात कही गई। तहरीर के मुताबिक, आरोपियों की बात पर विश्वास करते हुए जमीन का सौदा 1 करोड़ 75 लाख रुपये में तय कर लिया गया। इसके बाद बैंक जाकर आरोपियों के खातों में आरटीजीएस से रकम भेजी गई। आगे भी अलग-अलग मौकों पर चेक लिए गए।
किससे कितनी रकम लेने का आरोप
तहरीर के मुताबिक, 4 अगस्त को पूनम जालान को चार-चार लाख रुपये के आठ अकाउंट पेयी चेक दिए गए। इसके अलावा अंकुर सोलंकी ने पूनम जालान के नाम 5 लाख रुपये का एक और चेक लिया।
29 सितंबर को रिंकू गुप्ता अपनी बेटी कुमकुम के साथ पहुंचा और बेटी की शादी के लिए 2 लाख रुपये का अकाउंट पेयी चेक लिया। 24 नवंबर को दीपक गुप्ता ने पत्नी की बीमारी का हवाला देकर 2 लाख रुपये का चेक लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह आरोपियों ने कुल 49 लाख रुपये ले लिए।
नक्शा नहीं मिला तो अधिवक्ता से निकलवाया दस्तावेज
रकम लेने के बाद भी जमीन का नक्शा नहीं दिया गया। शिकायतकर्ता ने जब खुद जानकारी जुटाई और अधिवक्ता के माध्यम से सरला देवी के नाम बताए गए बैनामे की प्रमाणित प्रति और नक्शा निकलवाया तो उसे कथित तौर पर पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया है, वह एएमयू की भूमि है और आरोपियों की नहीं है।
भानुप्रताप का आरोप है कि उसने जब आरोपियों से इस बारे में बात की और अपनी रकम वापस मांगी तो उन्होंने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि वे इसी जमीन को दिखाकर लोगों से पैसे लेते हैं और रकम वापस नहीं करते।
थाने से लेकर एसपी सिटी तक पहुंचा मामला शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने पहले क्वार्सी थाने में तहरीर दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद एसपी सिटी को प्रार्थना पत्र देकर नामजद आरोपियों के खिलाफ फर्जी-कूटरचित दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी और रकम हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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