अंगारों पर चलकर महिला ने पूरी की प्रतिज्ञा:लोहे की कीलों की शैया पर लेटकर चार साल से कर रहीं साधना, नवमी पर गांव में निकलीं
कौशांबी के शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के भक्त अपनी-अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुसार पूजा-पाठ कर रहे हैं। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद भरवारी के अमहा गांव में प्रतापगढ़ की एक महिला लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर कठिन तपस्या कर रही हैं। सोमवार को नवरात्र की नवमी पर उन्होंने अंगारों पर चलकर नौ दिन की अपनी प्रतिज्ञा पूरी की। इससे पहले उन्होंने पूरे गांव का भ्रमण किया। महिला की साधना देखने के लिए गांव और आसपास के इलाकों से लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीण सुबह-शाम पूजा-अर्चना कर रहे हैं और गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। सपने में माता रानी के दर्शन के बाद शुरू की तपस्या दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रतापगढ़ जिले के पुन्नेमऊ गांव की रहने वाली फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा ने बताया कि करीब चार साल पहले वह गंभीर बीमारी से परेशान थीं। काफी इलाज कराने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिल रही थी। इसी दौरान उनके सपने में माता रानी आईं और उन्हें कठिन तपस्या करने के लिए कहा। महिला के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने माता रानी की आराधना शुरू कर दी। उनका दावा है कि तपस्या शुरू करने के बाद बीमारी से जुड़ी परेशानियां दूर हो गईं। तभी से वह लगातार चार वर्षों से साधना कर रही हैं। पिछले तीन वर्षों तक उन्होंने अपने गांव में तपस्या की। इस बार वह अपनी बहन शिमला देवी के घर अमहा गांव आई हैं, जहां उनकी साधना जारी है। कीलों की शैया पर झूला झूलकर की आरती महिला की तपस्या का तरीका लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वह लोहे की कीलों से बनी शैया पर लेटकर साधना करती हैं। शाम के समय कीलों वाली शैया से जुड़े झूले पर झूलती हैं और दोनों हाथों में कपूर जलाकर माता रानी की आरती करती हैं। नवरात्र की नवमी पर सोमवार को उन्होंने अंगारों पर चलकर नौ दिन की प्रतिज्ञा पूरी की। इससे पहले उन्होंने पूरे अमहा गांव का भ्रमण किया। इस दौरान कीलों की शैया पर बैठकर और खड़े होकर झूला भी झूला। उनकी साधना देखने के लिए दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। सुबह-शाम माता रानी के जयकारे फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा की बहन शिमला देवी की सास ननकी देवी ने बताया कि महिला पिछले चार वर्षों से तपस्या कर रही हैं। इस बार उनके घर पर साधना करना परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। उनकी तपस्या के चलते पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बना रहता है। ग्रामीण सुबह-शाम माता रानी के जयकारे लगाते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। महिला के जीजा हरिश्चंद्र ने बताया कि जब से उनकी साली गांव में तपस्या कर रही हैं, तब से आसपास के गांवों के लोग भी उनकी साधना देखने के लिए पहुंच रहे हैं। शरीर में प्राण रहने तक करती रहेंगी साधना फोटो उर्फ सुदेश्वरी दुर्गा का कहना है कि जब तक उनके शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक वह इसी तरह माता रानी की तपस्या करती रहेंगी। उनकी कठिन साधना को देखने के लिए गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)