अन्याय की लड़ाई मैं लड़ूंगा... 1%जेल जाना पड़े तो जाना:जेल जाने से पहले कल्पना से क्या बोले रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी? पूरी बातचीत

Oct 17, 2026 - 09:07
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अन्याय की लड़ाई मैं लड़ूंगा... 1%जेल जाना पड़े तो जाना:जेल जाने से पहले कल्पना से क्या बोले रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी? पूरी बातचीत
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ दर्ज कराई गई गंभीर एफआईआर के बाद अब इस पूरे विवाद का वह सनसनीखेज ऑडियो सामने आया है, जिसको लेकर सियासी और कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। यह बातचीत कल्पना के जेल जाने से ठीक पहले की बताई जा रही है। करीब आठ मिनट से अधिक के इस ऑडियो में पप्पू गिरधारी जेल, फर्जी दस्तखत, वकालतनामा, जमानत, रेखा आर्या से चल रहे संपत्ति बंटवारे और रुपये पहुंचाने की बात करते हुए कल्पना को समझाते और रणनीति बनाते सुनाई दे रहे हैं। रेखा आर्या ने इसी ऑडियो के आधार पर अपनी और बच्चों की जान को खतरा बताते हुए हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं संपत्तियों का ब्यौरा मूल रूप से बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र स्थित जोगी नवादा निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी का पारिवारिक दायरा तीन शादियों से जुड़ा है। उनकी पहली पत्नी रामा देवी बरेली के दिशा गार्डन में रहती हैं, जिनसे उनकी दो बेटियां लता (46 वर्ष, लखनऊ निवासी) और शशि (40 वर्ष, बरेली निवासी) हैं। दूसरी पत्नी वैजयंती माला थीं, जिनका कोरोना काल में निधन हो चुका है, उनसे दो बेटे हैं—रिंकू (35 वर्ष) और रूबी (जिसका 15 वर्ष की उम्र में एक सड़क हादसे में निधन हो गया था)। वहीं, उनकी तीसरी पत्नी उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या हैं, जिनसे तीन बच्चे—बेटी वैष्णवी (20 वर्ष), बेटा रुद्राक्ष (15 वर्ष) और कृष्णा (12 वर्ष) हैं। संपत्ति की बात करें तो पप्पू गिरधारी का जोगी नवादा की गल्ला मंडी के पास 100 वर्ग गज का पैतृक मकान है, जबकि सुरेश शर्मा नगर में 500 वर्ग गज में दूसरा मकान और लगभग एक बीघा में बना दिशा गार्डन मैरिज हॉल स्थित है। इसके अलावा बड़े बाईपास पर लालपुर चौराहे के समीप करीब 10 बीघा का फार्म हाउस तथा महानगर कॉलोनी स्थित बहुमंजिला अपार्टमेंट में एक फ्लैट भी शामिल है। सामाजिक रूप से उनका परिवार वनखंडीनाथ मंदिर की रामलीला समिति और सामूहिक विवाह आयोजनों से भी जुड़ा रहा है। पुराना आपराधिक इतिहास, 39 मुकदमे दर्ज, गुंडा, गैंगस्टर की हो चुकी कार्रवाही गिरधारी लाल साहू का आपराधिक इतिहास 90 के दशक से ही विवादों और 39 संगीन मुकदमों से भरा रहा है। बारादरी थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। सबसे चर्चित मामला 11 जून 1990 का जैन दंपती दोहरा हत्याकांड है, जिसमें सिविल लाइंस क्षेत्र में नरेश जैन और पुष्पा जैन की गला दबाकर हत्या कर संपत्ति हड़पने की साजिश रचने के आरोप में गिरधारी साहू पर धारा 302 और 120B के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2013 में अदालत से इस केस की फाइल गायब होने पर हाईकोर्ट के आदेश से पत्रावली दोबारा तैयार हुई और अगस्त 2021 में गैर-जमानती वारंट जारी होने पर उसने आत्मसमर्पण किया था, जो मामला अब भी विचाराधीन है। इसके अलावा 90 के दशक में जमीन कब्जाने और रंगदारी के करीब दो दर्जन मामलों में उसका नाम रहा। हालिया वर्षों में, 9 दिसंबर 2024 को जोगी नवादा में महिला अधिवक्ता के परिवार पर जानलेवा हमले (धारा 307 व आर्म्स एक्ट) में उसके करीबी रिश्तेदारों व भतीजों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद 9 जुलाई 2025 को उसके भतीजे टिंकू राठौर व गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई हुई। वहीं, 15 अक्टूबर 2026 को पत्नी व कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में शादी छिपाने (494/495), प्रताड़ना (498A), कंपनियों के दस्तावेज में फर्जी दस्तखत (465/467/471), अमानत में खयानत (406), आपराधिक षड्यंत्र (120B), धमकी और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कराया है। पप्पू गिरधारी और कल्पना के बीच हुई पूरी बातचीत का विवरण पप्पू गिरधारी: रिंकू को तुम कतई जितना मुझ पर भरोसा करते हो, उससे ज्यादा रिंकू पर भरोसा करना। हर तरह से मदद कर रहा है वो, हर तरह से। उसने अपने बच्चों की कसम खा ली कि इसको... इसको निपटना है। और इधर मैं चुनाव भी लडूंगा बरेली में, ठीक है? तो तुम्हारी अभी जमानत कराने के लिए हम लाए हैं। 1% अगर जमानत नहीं हुई, तो दो-तीन दिन हो सकता है जेल भी जाना पड़े। कल्पना: कैसी बातें कर रहे हो सर? मुझे जेल भिजवा दोगे? यह बताओ मैं... क्या हुआ ऐसा? मैंने... अच्छा किस बात का करा दिया उसने यहां पर मुकदमा? पप्पू गिरधारी: उसने मेरे नाम से फर्जी वो मार के दस्तखत, कि यह जो है हैरासमेंट करती है। वो खत्म हो जाएगा तुरंत ही, चिंता मत करो। जब मैं कह रहा हूं वो खत्म हो जाएगा, मुझ पर... कल्पना: मुझे जेल... मुझे जेल क्यों भिजवा रहे हो? मैं क्यों जाऊं जेल? पप्पू गिरधारी: अरे, अब पहली बात तो जमानत हो जाएगी अभी। 1% नहीं हुई तो दो-तीन दिन में हो जाएगी, कौन सी आफत आ जा रही है। कौन सी तुम्हें फांसी लगी जा रही है। कल्पना: मैं क्यों जाऊं मैं जेल? मैं... फिर कोई मुझे निकाले ना निकाले, मेरी कितनी बदनामी कराओगे? अगर जेल चली जाऊंगी तो मेरी क्या अखबार में निकलेगा। पप्पू गिरधारी: पहली बात तो कोई अखबार नहीं छपेगा। पहले सुन लो मेरी बात। बहुत धैर्य से सुनो। बहुत प्लानिंग से सुधार... तुम्हें यहां इसलिए बुला लिया नहीं तो जाने क्या-क्या हो जाता। वहां पकड़ जातीं और पकड़ जाने पर जाने कितना अखबार छपता। हां। पुलिस भी फेवर में है कि हां, इसके साथ अन्याय हो रहा है। इसके साथ अन्याय हो रहा है। और... तो मतलब यह है कि जमानत के लिए अभी कर रहे हैं, व्यवस्था बना रहे हैं, वकील... वकील भी खड़ा किया गया है। 1% नहीं हुई तो... तो कोई अखबार नहीं छपेगा। छुप-छुपाते मम्मी को फोन कर देना। वो बरेली आ जाएं, वो चाबी ले लें और वकील के वहां पर वकालतनामे पर दस्तखत कर दें। दो दिन में, तीन दिन में निकाल लाएगा रिंकू। कल्पना: सर, देखो मेरे मां-बाप बहुत हार्ट के पेशेंट हैं, वो बेचारे मर जाएंगे। इससे अच्छा गोली मार दो। पप्पू गिरधारी: हां, मार देना साले को। मारो... मैं तुम्हारे साथ हूं। जितने पैसे लगेंगे, मैं लगाऊंगा। कल्पना: उसने आपके फर्जी सिग्नेचर कर दिए तो उस पर कार्रवाई नहीं हो जाएगी कि तूने कैसे सिग्नेचर कर दिए? पप्पू गिरधारी: अरे मेरी बाबू, मेरी बाबू समझने की कोशिश करो। वो तो ऑब्जेक्शन लगवा रहा हूं मैं तुम्हारी तरफ से कि यह दस्तखत उनके हैं ही नहीं। मैं सब कुछ कर रहा हूं। तुम क्या समझ रही हो कि मैं कितने परेशान हूं। मैंने जानबूझ के... जानबूझ के तुम्हारे उधर धनराशि देना शुरू कर दी कि कम से कम ठीक-ठाक रुपया पहुंच जाए जो उसके काम में आए। आज ही मुझ पर कहीं से 25 आ गए थे, तुरंत मैंने भिजवा दिए तुम्हारे पास, मिले नहीं मिले? कल्पना: हेलो? हां, मिल तो गए। हां, तो सर वो यह नहीं हो जाएगा, अब मैं उसे क्या इनकम टैक्स में दिखाऊंगी? पप्पू गिरधारी: अरे वो हम कर देंगे। इसके लिए टेंशन मत लो। टेंशन तो तुम इस समय केवल एक... वो टेंशन लो और कोई टेंशन तुम्हें नहीं लेना। अब मेरा यह कहना है... कल्पना: अगर कल को मेरी कोई जमानत नहीं कराए? पप्पू गिरधारी: अरे रिंकू है तो। मैं हूं तो। अच्छा, एक... आगे बात सुनो। तुम्हें बोलना यही है, जब भी आनंद मिले या कोई मिले, कि मुझे इसके आदमी से, इससे दोनों से निपटना है। यह कहीं धोखे से मत कह देना कि क्या नाम है मुझे दोनों से निपटना है। क्या कही मैंने? हेलो? कल्पना: दोनों से निपटना है। पप्पू गिरधारी: दोनों से निपटना है। इन दोनों से निपटना है मुझे। कल्पना: कहीं आप तो यह तो नहीं सोच रहे हो उसके संग बैठ के कि जब तक इलेक्शन है, कल्पना को यहां जेल में सड़ने दो चार-पांच महीने? जो 2019 में दोनों ने प्लानिंग कर रखी थी रेखा और आपने। पप्पू गिरधारी: मैंने नहीं। मतलब तुम मुझ पर यह भरोसा करती हो? यह तुम्हारी... कल्पना: नहीं, भरोसे की बात नहीं है। ऐसे मतलब आपने... अच्छा, उसके पास कर ही क्या रहे हो आप उसके संग बैठ के, जब उतना... अब मेरे पीछे पड़ गई हाथ धो के। मेरे पूरे देश में मुझ पर मुकदमे चल रहे हैं। मेरा अपना तलाक का केस मैं नहीं निपटा पा रही हूं और मेरे पे चार मुकदमे और लिखवा दिए। पप्पू गिरधारी: अरे, अच्छा एक बात सुनो, एक बात सुनो। तुम इतना... इतना ध्यान रखो, ढाई लाख रुपया वो संजीव शर्मा ने लिए। वो एफआईआर लगवाई। पुराने वाले दोनों वो खत्म कर दिए। कौन से मुकदमे तुम पर चल रहे हैं हिंदुस्तान में, मुझे एक बता दो ज़रा। बताओ कौन चल रहा है? कल्पना: अभी आप बता रहे हो कि उसने बहेड़ी में लिखवा दिया। पप्पू गिरधारी: अरे, यह भी खत्म हो जाएगा। कल्पना: आपने अपना वाला वापस नहीं लिया? पप्पू गिरधारी: ले लिया, ले लिया। मैंने दरखास्त लगा दी उसमें नॉट प्रेस्ड की। वो ले लिया मैंने। और इसमें एफआईआर लग गई, जिसमें इसने लिखवाई। अब यह वाला जो है, इसने मेरे फर्जी दस्तखत... मैं एक बार में कोर्ट में कहूंगा कि साहब यह दस्तखत फर्जी हैं, तो तुरंत तुम्हारा खत्म हो जाएगा यह भी। परेशान... अच्छा, एक बात सुनो। मैं अगर इसमें नहीं लगा होता, तो मुझे इतनी टेंशन नहीं... भाड़ में तुम जाओ, भाड़ में वो जाए। मुझे तो यह है कि तुम्हारे साथ अन्याय हो रहा है। इस अन्याय की लड़ाई मैं लड़ूंगा। लेकिन मैं वहां तक लडूंगा, यह ध्यान रखना, जैसे ही तुमने मेरे लिए कोऑपरेट करा दिखावा के लिए, मुझे तो जितनी गंदी से गंदी गाली बक सकते हो आनंद से, फलाने से, सब से... वो बको मेरे लिए। उसे बको 20, तो मुझे बको 40। और तूतड़ाक बोलो। बात समझ रहे हो? और सुनो, अगर 1% वहां जाना पड़ा, तो अभी सब कपड़े-वपड़े सब ले रहे हैं, चाबी उसे दे देना आकाश को। तो यह बताओ भैया आ जाएगा तुम्हारा? कल्पना: कहां? जेल जाने के लिए? पप्पू गिरधारी: अरे 1% अगर जाना पड़ा, तो भैया आ जाएगा? कल्पना: सर, आप कैसी बातें कर रहे हो? मेरा कोई नहीं आएगा। पप्पू गिरधारी: कोई नहीं आएगा ना? अच्छा। यहां कोई ऐसा रिश्तेदार है जो वकालतनामे पर दस्तखत कर दे? कल्पना: मेरा कोई ऐसा रिश्तेदार नहीं बैठा है वकालतनामे पर सिग्नेचर करने के लिए। इसका मतलब कि पूरी तैयारी से आए हो मुझे यहां बहेड़ी में बंद कराने के लिए? पप्पू गिरधारी: तो पगलाई मत काटा करो। तुम बड़ा गलत बोलते हो कभी-कभी। मेरी जान पर खेल रही है। मैं तुम्हें न जाने कैसे-कैसे करके अखबार से, फलाने से बचा-बचा के लाया हूं। आगरा से निकाल के लाया हूं। वहां पुलिस पहुंच गई थी एसओजी। वो तो रिंकू मदद कर रहा है बेचारा। थाने में बैठा हुआ रिंकू यहां मदद कर रहा है हर प्रकार की, बचत कर रहा है। जमानत वो सब करा देगा। लेकिन मुझे यह बताओ कोई दस्तखत करने वाला है? कल्पना: मेरी तरफ से कौन है? कोई नहीं है। अच्छा, वकालतनामे पर क्या दस्तखत होगा? पप्पू गिरधारी: वकालतनामे में यह दस्तखत होते हैं हम इनकी पैरवी कर रहे हैं। है कोई ऐसा? कल्पना: मेरी जानकारी में तो कोई नहीं है ऐसा। पप्पू गिरधारी: बरेली में? कल्पना: बरेली में ऐसा कोई नहीं है। पप्पू गिरधारी: कोई रिश्तेदार? कल्पना: रिश्तेदार तो कोई ही नहीं है। पप्पू गिरधारी: अच्छा, अगर मानो दो-तीन दिन को जाना पड़ा, तो मम्मी को... मम्मी को फोन करेंगे तो कैसे पता चलेगा? कल्पना: सर, पता है जेल कभी देखे हो कभी कैसा क्या है? मुझे तो कुछ पता भी नहीं है जेल का। एबीसीडी... मुझे जेल भिजवा दोगे? मैं चली जाऊं यहां से? पप्पू गिरधारी: अरे तुम पगलाई काटती हो। हैं? कल्पना: मैं उई नहीं... मैं यहां चले जा रही हूं, मैं क्यों यहां रहूंगी जेल जाने के लिए? पप्पू गिरधारी: अरे अभी नहीं... अरे मेरी बात सुनो, जेल अभी नहीं जा रहे। अभी तो हम बात कर रहे हैं मजिस्ट्रेट से। वकालत में... बेल उसकी होने की। कल्पना: अच्छा ठीक है, आप वकालतनामे से बात करो, चाहे किसी से बात करो। मुझे यहां क्यों बुलाया? मैं... मैं यहां से चली जा रही हूं। पप्पू गिरधारी: अरे, तुम पगलाई मत काटा करो। फिर क्या फायदा? पूरी... पूरे हिंदुस्तान को पता चलेगी। पुलिस पकड़ लेगी अभी उठा के, एसओजी। सुन क्यों नहीं रहे हो? कल्पना: उसने किस बात पे मुकदमा लिखा दिया कि मतलब मैं हैरास कर रही हूं? पप्पू गिरधारी: अच्छा सुनो, ऐ सुनो, अभी खामोश रहो। अभी मैं सब निपटा रहा हूं। अभी मैं करा रहा हूं सब चीजें, ठीक है? खामोश रहो, परेशान मत हो, ठीक है? हेलो, इतना दिमाग लगा लो... हेलो? कि कोई दस्तखत कर देगा? कल्पना: तो मतलब वकालतनामा तब चलेगा ना जब मुझ पर कोई केस चल रहा होगा मुझ पे? पप्पू गिरधारी: अरे भाई, दस्तखत करना... अरे करवा मैं दूंगा फर्जी। कोई नाम है ऐसा? कल्पना: मतलब उसे भी... बेचारे को भी जेल करा दें जिसको करा सकें? पप्पू गिरधारी: अरे तेरा भला... तुम मुझ पर कितना परसेंट भरोसा करते हो? कल्पना: मुझे तो... मुझे अब आप... मुझे तो लग रहा है पता नहीं क्या ही वो होने वाला है जिंदगी में मेरी। पप्पू गिरधारी: अरे यार, क्यों परेशान रहे हो? मैं तुम्हें पैसे जमा करा रहा हूं और तुम मुझसे यह बातें कर रहे हो। कल्पना: पैसे जमा... आपके लिए पैसे तो चूहा-बिल्ली का खेल है। आपके लिए पैसे बड़ी बात नहीं है। अगर उसे इतनी परेशानी है तो आप उस औरत को छोड़ क्यों नहीं देते हो, जिसने आपको खून के आंसू पिला रखे हैं? पप्पू गिरधारी: थोड़ा अब सुनो। अभी वो मेरे लिए... अभी मैं एक बात कह दूं, कहोगी तो नहीं कहीं? तुम खाओ अपने बच्चे की कसम, नहीं कहोगी। हैं? कल्पना: हां, नहीं कहूंगी। आप ही मेरी सारी बातें सब जगह बोल आते हो और कसम खिला के मेरे बच्चों की। पप्पू गिरधारी: अच्छा सुनो, उससे मेरा हिस्सा-बंटवारा हो रहा है। दस्तखत हो जाएंगे इसी महीने में। फिर तुम देखना मेरा रोल क्या है। बात समझ रहे हो? अब यह... खामोश रहना, यह बात किसी से कहना मत। बस खत्म। बैठो तुम, एसी चलाओ और बैठो वहां। कुछ खाओगी? भिजवा दें? कल्पना: अरे सर, मुझे टेंशन बहुत... मुझे यहां से निकालो। मैं पता नहीं अच्छे-खासे मैं जा रही थी वैष्णो देवी और मेरा यहां पे आके यहां मुझे... मुझे रायता फैला दिया। पहले नहीं बता पा रहे थे? पप्पू गिरधारी: अच्छा, अब तुम चुपचाप बैठो, मैं अभी सब निपटा रहा हूं। मुझे... मुझे टाइम तो देने दोगी या नहीं दोगी? बैठो, चुपचाप बैठो, ठीक है? ठीक है, बैठो।

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