सीतापुर में हत्या के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोका:50 लाख मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े, भीम आर्मी समर्थन में उतरी
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में हत्या के शिकार मनोज गौतम का शव शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार ने 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। भीम आर्मी के समर्थन के बाद मामला और गरमा गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी देर रात तक परिजनों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। मामला लुधौरा गांव का है। यहां 35 वर्षीय मनोज गौतम की गुरुवार शाम पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने का आरोप है। परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का ऐलान किया है। अधिकारियों ने परिवार को समझाने के साथ स्थिति संभालने की कोशिश की। बाजार से लौटते समय घेरकर हमला करने का आरोप लुधौरा गांव निवासी मनोज गौतम गुरुवार शाम बाजार से घर लौट रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही शुभम, धीरेंद्र और नरेंद्र समेत दो महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से मनोज की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू की। शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों ने आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग उठाते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया। परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिवार ने 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। शव घर पर रखे जाने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी परिजनों से बातचीत करते रहे। अधिकारियों ने परिवार को समझाकर अंतिम संस्कार कराने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कोई सहमति नहीं बन सकी। परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। मामले को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
भीम आर्मी के समर्थन से बढ़ा मामला मनोज के परिवार को समर्थन देने भीम आर्मी के संयोजक पहुंचे। उन्होंने परिजनों की फोन पर नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से बात कराई। चंद्रशेखर आजाद ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात दोहराई। भीम आर्मी के समर्थन के बाद मामला तूल पकड़ गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी देर रात तक परिवार से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश करते रहे। फिलहाल मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग पर सहमति बनने की जानकारी नहीं मिली है। पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप पुलिस के मुताबिक, मनोज गौतम की हत्या के मामले में गांव के कुछ लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वारदात की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद परिजनों की मांग और अंतिम संस्कार से इनकार के चलते प्रशासन के सामने स्थिति संभालने की चुनौती बनी हुई है। अधिकारी परिवार को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, परिजन आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं।
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