अफसर के बंगले पर 50 लाख की डील,प्रशासन में हड़कंप:मुरादाबाद में हॉस्पिटल संचालक की शिकायत पर हाई-लेवल इंक्वायरी शुरू; रकम लौटाओ या जेल जाओ
मुरादाबाद में एक अफसर के बंगले पर लेखपाल और हॉस्पिटल संचालक के बीच 50 लाख रुपए की डील का मामला सामने आया है। मामला करीब दो-ढाई महीने पुराना बताया जा रहा है। इससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। हॉस्पिटल संचालक की शिकायत के बाद मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर एक हाई लेवल इंक्वायरी बैठा दी गई है। मामले की जांच कर रही उच्चस्तरीय टीम में अपर जिलाधिकारी स्तर के दो और अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कमेटी आरोपी लेखपाल से पहले चरण की पूछताछ कर चुकी है। इस पूछताछ में लेखपाल ने संबंधित हॉस्पिटल संचालक से अफसर के बंगले पर 50 लाख रुपये से भरा बैग लेने की बात स्वीकार की है। लेकिन लेखपाल ले कमेटी के सामने दिए मौखिक बयान में कहा है कि उसने यह बैग दो मिनट बाद ही अफसर के एक कर्मचारी को हैंडओवर कर दिया था। पूरा मामला सिविल लाइंस की नजूल लैंड से जुड़ा हुआ है। हॉस्पिटल में नजूल लैंड बताकर नापजोख करने गया था लेखपाल
दो दिन पहले सिविल लाइंस क्षेत्र में एक हॉस्पिटल का संचालन करने वाले डॉक्टर ने एक सीनियर प्रशासनिक अफसर से इस लेनदेन की शिकायत की थी। दरअसल शिकायत करने वाले डॉक्टर के हॉस्पिटल में नजूल लैंड होने की बातें पिछले दिनों सामने आई थीं। जिसके बाद प्रशासनिक कार्यवाही शुरू हुई थी, लेकिन बाद में उसे बगैर एक्शन के ही रोक दिया गया था। जबकि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक यह हॉस्पिटल नजूल की सरकारी जमीन पर बना हुआ है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आरोपी लेखपाल करीब ढाई-तीन महीने पहले पैमाइश करने हॉस्पिटल पहुंचा था और इसके बाद दोनों के बीच मामले को सुलटाने के लिए बातचीत का चैनल ओपन हुआ था। तड़के 5 बजे अफसर के बंगले पर हुई डिलीवरी
हॉस्पिटल संचालक ने प्रशासनिक अधिकारी से की शिकायत में कहा है कि करीब ढाई महीना पहले तड़के करीब 5 बजे लेखपाल के कहने पर वे एक अधिकारी के बंगले पर पहुंचे थे। यहां अधिकारी से मुलाकात के बाद 50 लाख रुपयों से भरा एक बैग लेखपाल को हैंडओवर किया गया था। डील हॉस्पिटल के खिलाफ की जा रही कार्यवाही को रोकने के लिए हुई थी।
लेखपाल ने जांच कमेटी से कहा- मैंने रकम ली, लेकिन अपने लिए नहीं
मामला सामने आने के बाद डीएम के निर्देश पर एक हाई लेवल जांच कमेटी गठित की गई है। सूत्रों का कहना है कि डीएम अनुनय झा इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए हैं और उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। बीते दिन हाईलेवल कमेटी ने देर शाम लेखपाल के बयान लिए। सूत्र बताते हैं कि लेखपाल ने यह स्वीकार कर लिया है कि अधिकारी के बंगले पर उसने रुपयों से भरा बैग हॉस्पिटल संचालक से लिया था। लेकिन लेखपाल ने यह कहा है कि उसने डॉक्टर के जाने के दो-तीन मिनट बाद ही वह बैग बंगले के एक कर्मचारी को हैंडओवर कर दिया था।
3 दिन में रकम लौटाने का अल्टीमेटम, वरना FIR
सूत्र बताते हैं कि जांच कमेटी ने तीन दिन के भीतर हॉस्पिटल संचालक को 50 लाख रुपए लौटा देने का अल्टीमेटम आरोपी लेखपाल को दिया है। ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। कुछ और कर्मचारियों के भी इसी तरह कार्रवाई की जद में आने की चर्चाएं हैं।
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