ARTO कार्यालय में छापेमारी के बाद दो कर्मचारी निलंबित:फतेहपुर में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली का आरोप
फतेहपुर मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जनपद फतेहपुर में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (ARTO) में जारी अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए एडीएम और एएसपी की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया,जिसके बाद गाज गिरना तय माना जा रहा था। बीती 3 सितम्बर, 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व)विनय पांडेय तथा अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय 50 पुलिस कर्मियों की संयुक्त टीम ने एआरटीओ कार्यालय परिसर में अचानक छापा मारा। इस औचक निरीक्षण के दौरान मौके से 4 संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। जांच में यह बात सामने आई कि पकड़े गए संदिग्ध व्यक्ति कार्यालय में आने वाले आवेदकों से गाड़ियों का पंजीकरण (Vehicle Registration) कराने और ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे थे। ये आरोपी आम जनता को झांसे में लेकर अवैध रूप से धन उगाही कर रहे थे। 35,240 रुपये की नगदी बरामद छापेमारी के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों के पास से कुल 35,240 रुपये की नगदी भी बरामद की गई है। इस पूरे फर्जीवाड़े और दलाली के खेल पर जिलाधिकारी फतेहपुर ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। जिलाधिकारी की इसी रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए माननीय परिवहन मंत्री द्वारा फतेहपुर एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की गई है। तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया विभाग द्वारा दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, रंजीत सिंह - सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), शुभम सिंह - लिपिक निलंबन के साथ ही दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी संस्थित की गई है। इस कार्रवाई से परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है।
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