अशोक वाटिका में सीताजी के दर्शन कर भावविभोर हुए श्रद्धालु:लीला में हनुमान जी के पराक्रम का हुआ मंचन, देखने उमड़े श्रद्धालु
आगरा के रामलीला मैदान में गुरुवार को लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। बजरंगबली ने रावण की सोने की लंका में आग लगाई तो तीन मंजिला स्वर्ण लंका धू-धू कर जल उठी। लंका के साथ द्वार पर बने दोनों विशाल द्वारपालों के पुतले भी आग की लपटों में घिर गए। इस दृश्य को देखकर मैदान में मौजूद दर्शकों ने जय श्रीराम और बजरंगबली के जयकारे लगाए। बैंड-बाजों की धुन के बीच पूरा मैदान भक्तिमय हो गया। इस बार लंका दहन के लिए बनाई गई तीन मंजिला लंका और अशोक वाटिका में विराजमान माता सीता का स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। आयोजन में सामाजिक संगठनों ने भी भागीदारी की। लीला की शुरुआत समुद्र तट पर श्रीराम की वानर सेना के प्रसंग से हुई। जामवंत और सुग्रीव ने हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया। इसके बाद पवनपुत्र श्रीराम का नाम लेकर समुद्र पार कर लंका पहुंचे। वहां अशोक वाटिका में माता सीता को खोजकर उन्हें प्रभु श्रीराम की मुद्रिका दी और उनके जल्द रावण के बंधन से मुक्त होने का संदेश दिया। इसके बाद हनुमान जी ने अशोक वाटिका में फल खाए और पेड़ों को उजाड़ दिया। राक्षसों के साथ युद्ध के बाद उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में पेश किया गया। रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगाई गई। हनुमान जी ने इसी आग से लंका के भवनों को जलाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्वर्णनगरी आग की लपटों से घिर गई। इस दौरान गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई ‘लंका जारि असुर दल मारे। रामचंद के काज संवारे॥’ का पाठ भी किया गया। मुख्य मंच के अलावा मैदान के दोनों ओर लगाई गईं एलईडी स्क्रीन पर भी लीला का प्रसारण हुआ, जिससे दूर बैठे दर्शक भी प्रसंग देख सके। भारत विकास परिषद संस्कार, अग्रवाल संगठन कमला नगर, किन्नर समाज, श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी और आगरा फार्मा ने स्वरूपों की आरती उतारी। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, मुख्य संरक्षक जगदीश बागला, अजय अग्रवाल बीएन ग्रुप, ताराचंद, प्रवीण स्वरूप, भगवानदास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, विष्णु दयाल, राहुल गौतम, आनंद मंगल, राकेश जैन, दिलीप अग्रवाल, रामांशु शर्मा, विकास, प्रकाश चंद्र, गिरधर शरण, तपिश और मनोज अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रामलीला कमेटी के मीडिया प्रभारी राहुल गौतम के अनुसार, शनिवार को विभीषण शरणागति, रामेश्वर पूजन, सेतु बंधन और अंगद-रावण संवाद का मंचन किया जाएगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)