अयोध्या के चौक में 131 वर्ष से रामलीला का मंचन:मैदानी रामलीला को देखने के लिए बच्चों सहित छोटे बड़े बुजुर्ग भी पहुंच रहे
अयोध्या में जहां एक और देवी मंदिरों में आदि शक्ति की उपासना की जा रही है। वही दूसरी ओर रामलीला के मंच में भगवान राम के आदर्शों का मंचन किया जा रहा है। शहर के चौक रामलीला मैदान में 131 वर्ष से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यहां पर मैदानी रामलीला हो रही है।मैदानी रामलीला को देखने के लिए बच्चों सहित छोटे बड़े बुजुर्ग सभी लोग आ रहे है। रामलीला में कुंभ करण को नीद से जगाने, लंका दहन और मेघनाथ वध का प्रसंग का मंचन किया गया। जिसमें रावण गरजता दिखा। इस रामलीला में रावण की असुरों वाली हंसी लोगों को अलग ही नजर आ रही है। रामलीला में अभिनय कर रहे राम और रावण से खास बातचीत की गई। भगवान श्रीराम का रोल कर रहे यह रोल करके बहुत आनंद आ रहा है।अयोध्या में श्रीराम की भूमिका मिलना मेरा सौभाग्य है। धर्म की रक्षा करना श्रीराम का संदेश है।इसका पालन करने में ही देश और समाज का कल्याण है। रावण की भूमिका निभा रहे पात्र ने कहा कि हर मानव को अपने मन की बुराईयों को मिटा देना चाहिए।रामलीला से इसका संदेश सभी को ग्रहण करना चाहिए। दूसरी ओर भगवदाचार्य स्मारक सदन में बृजभूषण सिंह ने की आरती दूसरी ओर भगवदाचार्य स्मारक सदन, अयोध्या की पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीरामलीला के ग्यारहवें दिवस पसत्य की विजय का अत्यंत भावपूर्ण मंचन हुआ। विभीषण शरणागति ने प्रभु की करुणा एवं शरणागत की रक्षा का संदेश दिया, वहीं सेतुबन्ध ने संकल्प, संगठन और प्रभु-भक्ति की अद्भुत शक्ति का दर्शन कराया तथा अंगद संवाद ने धर्म और अधर्म के मध्य अडिग सत्य का प्रभावशाली स्वरूप प्रस्तुत किया। इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह , बावन मंदिर महंत वैदेही बल्लभ शरण, संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति के कोषाध्यक्ष महंत अवधेश कुमार दास , महामंत्री महंत संजय दास , महंत हेमंत दास , राम कचेहरी के महंत शशिकांत दास एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।
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