अयोध्या में 2700 जगह सजेंगे दुर्गा पूजा पंडाल:शहर में 300 से ज्यादा स्थानों पर होंगे बड़े आयोजन; डीजे की तेज आवाज पर रोक, जुलूस-विसर्जन में पुलिस की निगरानी

Oct 05, 2026 - 18:47
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अयोध्या में 2700 जगह सजेंगे दुर्गा पूजा पंडाल:शहर में 300 से ज्यादा स्थानों पर होंगे बड़े आयोजन; डीजे की तेज आवाज पर रोक, जुलूस-विसर्जन में पुलिस की निगरानी
शारदीय नवरात्र को लेकर रामनगरी में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जिलेभर में आस्था के साथ भव्यता भी नजर आएगी। करीब 2700 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। वहीं अयोध्या शहर में 300 से ज्यादा स्थानों पर बड़े आयोजन होंगे। लोहिया नगर, रानीबाजार, चौक, सिविल लाइंस समेत प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में पंडाल सजने लगे हैं। पूजा समितियां प्रतिमा स्थापना, सजावट और विद्युत व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। पंडालों में इस बार अलग-अलग थीम पर सजावट और झांकियां तैयार की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रवेश और निकास की अलग व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस की निगरानी रहेगी। डीजे की तेज आवाज पर इस बार विशेष नजर दुर्गा पूजा और विसर्जन जुलूस में बजने वाले डीजे को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। बलरामपुर में तेज डीजे की आवाज के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने और मौत की घटना के बाद पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण की निगरानी के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। थानों को डेसिबल मीटर दिए गए हैं। इनसे पंडालों और जुलूसों में ध्वनि की तीव्रता की जांच की जाएगी। भड़काऊ, आपत्तिजनक, अश्लील, जातिसूचक और विवादित गाने बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। बिना अनुमति डीजे बजाने पर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर साउंड सिस्टम जब्त भी किया जा सकता है। विसर्जन जुलूस में भी रहेगी पुलिस की निगरानी पूजा समितियों के साथ बैठक कर पुलिस ने निर्धारित मानकों का पालन करने की हिदायत दी है। जुलूस और विसर्जन के दौरान भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाली समितियों और डीजे संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिले में करीब 200 स्थानों पर रामलीला का आयोजन भी होगा। अयोध्या शहर में करीब 12 स्थानों पर रामलीला होगी। केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बताया कि जिले में करीब 2700 स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। शहर में 300 से अधिक स्थानों पर प्रमुख आयोजन होते हैं। पूजा समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयारियां कर रही हैं।

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