अयोध्या में धन्नीपुर मस्जिद पर NGO ने मांगा चंदे का:15 दिन में लखनऊ में वक्फ बोर्ड के घेराव का ऐलान, निर्माण शुरू कराने या जमीन लौटाने की मांग
अयोध्या में धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर अब दहेज पर प्रहार एनजीओ ने सवाल उठाए हैं। बाराबंकी से आई संगठन की टीम ने सोमवार को धन्नीपुर पहुंचकर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन से चंदे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। संगठन ने मस्जिद निर्माण के नाम पर जुटाई गई धनराशि के इस्तेमाल और अब तक काम शुरू नहीं होने पर सवाल उठाए। चंदे की रकम कहां खर्च हुई? एनजीओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूशा तुफैल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद धन्नीपुर में मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन हुआ। उन्होंने सवाल किया कि मस्जिद के नाम पर जुटाई गई धनराशि कहां खर्च हुई और अब तक निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हो सका। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चंदे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने और आरटीआई के जवाब देने की मांग की। 15 दिन में घेराव की चेतावनी संगठन ने ऐलान किया कि अगले 15 दिनों के भीतर लखनऊ में सुन्नी वक्फ बोर्ड का घेराव किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। एनजीओ ने मांग की कि यदि मस्जिद का निर्माण होना है तो काम शुरू कराया जाए। अन्यथा जमीन राज्य सरकार को वापस की जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिली थी जमीन दरअसल, राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी। अब निर्माण में देरी और चंदे के इस्तेमाल को लेकर एनजीओ ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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