अयोध्या में नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना:साहस और शक्ति की देवी की पूजा कर भक्तों ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
अयोध्या में शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को अयोध्या जनपद के मंदिरों और करीब 3 हजार दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालु पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। भक्तों ने मां कात्यायनी को पुष्प, फल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मां कामाख्या धाम में भोर से ही माता रानी के भक्त पहुंच कर पूजा अर्चना कर रहे हैं। मां कामाख्या का दर्शन पूजन करने के लिए रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, गोंडा समेत अन्य जिलों से भक्त पहुंच रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की प्रतीक योद्धा देवी माना जाता है। मां सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी चार भुजाएं हैं। उनके हाथों में कमल और तलवार सुशोभित होते हैं, जबकि अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में रहते हैं। मां का यह स्वरूप भक्तों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देता है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि सच्चे मन से उनकी आराधना करने पर भक्तों को साहस, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके साथ ही विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भी मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। पूजन के दौरान माता रानी को शहद और मालपुए का भोग लगाने की परंपरा है। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर मां से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। नवरात्र को लेकर मंदिरों और पूजा पंडालों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
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