‘नीतीशपुर’ पर गरमाई बिहार की सियासत, आरजेडी ने सरकार को घेरा

बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने के मंत्री संतोष सुमन के सुझाव पर बिहार में सियासत तेज हो गई है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने इस सुझाव का विरोध करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि नाम बदलने के बजाय बेरोजगारी, गरीबी और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

Sep 10, 2026 - 13:25
0
‘नीतीशपुर’ पर गरमाई बिहार की सियासत, आरजेडी ने सरकार को घेरा

दि राइजिंग न्यूज | पटना | 10 सितंबर 2026

पटना से सटे बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने के सुझाव को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। बिहार सरकार के मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ रखने का सुझाव दिया था। उनके इस बयान के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार और सत्तापक्ष पर निशाना साधा है।राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम बदलने की चर्चा का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुरम’ या ‘नीतीशपुर’ क्यों किया जाए। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर का ऐतिहासिक नाम बख्तियारपुर ही रहना चाहिए और इस तरह के मुद्दों को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

संतोष सुमन ने दिया था बख्तियारपुर का नाम बदलने का सुझाव

दरअसल, बुधवार को मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने बख्तियारपुर का नाम बदलने का सुझाव रखा था। उन्होंने कहा था कि यदि नाम परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है तो बख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुर’ किया जा सकता है। उनके इस सुझाव के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई।बख्तियारपुर का नाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हुआ है क्योंकि यह उनका जन्मस्थान है। ऐसे में उनके नाम पर शहर का नाम रखने के सुझाव ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी है। विपक्ष ने इसे जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश के तौर पर पेश किया है।

भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘हिंदुस्तान का नाम भी मोदी के नाम पर रख दें’

राष्ट्रीय जनता दल विधायक भाई वीरेंद्र ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए सरकार पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि नाम बदलने की राजनीति इसी तरह चलती रही तो हिंदुस्तान और भारत का नाम भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दिया जाए।भाई वीरेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन देश का नाम बदलकर किसी व्यक्ति के नाम पर रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने बख्तियारपुर के नाम को लेकर चल रही चर्चा को भी इसी तरह की राजनीति बताया और कहा कि शहर का नाम बदलने के बजाय सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

‘बख्तियारपुर का नाम बख्तियारपुर ही रहने दें’

भाई वीरेंद्र ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुरम’ या ‘नीतीशपुर’ करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बख्तियारपुर है और इसे बख्तियारपुर ही रहने दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी स्थान का नाम बदलने से वहां रहने वाले लोगों की आर्थिक और सामाजिक समस्याएं खत्म नहीं होती हैं।उन्होंने सत्तापक्ष के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं को नाम बदलने की राजनीति के बजाय बिहार की जनता के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग गरीबी और बेरोजगारी से परेशान हैं, लेकिन इन समस्याओं पर अपेक्षित चर्चा नहीं हो रही है।

‘बिहार की जनता भूखमरी के कगार पर’

आरजेडी विधायक ने बिहार में बेरोजगारी और आर्थिक परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता कई तरह की समस्याओं का सामना कर रही है और ऐसे समय में नाम बदलने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देना उचित नहीं है।भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार के लोगों को रोजगार चाहिए और आर्थिक परेशानियों से राहत चाहिए। उन्होंने सरकार से बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उनके मुताबिक, जनता नाम बदलने की राजनीति से ज्यादा विकास और रोजगार के मुद्दों को महत्व देती है।

‘लोग चापलूसी न करें, जनता के मुद्दों पर बात करें’

भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में सत्तापक्ष के नेताओं पर चापलूसी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि नेताओं को किसी व्यक्ति को खुश करने के लिए इस तरह के सुझाव देने के बजाय जनता की परेशानियों पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि बिहार की जनता चाहती है कि सरकार भूख और गरीबी से परेशान लोगों की स्थिति सुधारे तथा बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे व्यक्तिगत नाम और राजनीतिक प्रचार से ऊपर उठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करें।

‘आने वाले दिनों में शासकों को जनता जवाब देगी’

भाई वीरेंद्र ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि केवल नाम बदलने से बिहार के लोगों का कल्याण नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नाम बदलना चाहती है तो उसके पास सत्ता है और वह ऐसा कर सकती है, लेकिन जनता इस तरह की राजनीति को हमेशा स्वीकार नहीं करेगी।उन्होंने दुनिया के अलग-अलग देशों में सत्ता के खिलाफ हुए जनआंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि आने वाले समय में जनता अपने शासकों को जवाब दे सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के घटनाक्रमों से सबक लेना चाहिए और जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

बख्तियारपुर के नाम पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

बख्तियारपुर के नाम को लेकर शुरू हुई यह चर्चा अब बिहार की राजनीति में नया मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। एक तरफ संतोष कुमार सुमन ने नीतीश कुमार के नाम पर शहर का नाम रखने का सुझाव दिया है, वहीं आरजेडी ने इसे लेकर सरकार पर हमला बोला है।नाम परिवर्तन का मुद्दा अब केवल बख्तियारपुर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके बहाने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बिहार की राजनीति में और बयान सामने आने की संभावना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User