ब्रिक्स पर चिदंबरम के सवाल, भाजपा ने कहा- ‘नाराज फूफा’
ब्रिक्स 2026 से पहले पी. चिदंबरम ने पिछले दो-तीन सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस लाभ पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस के रवैये को ‘नाराज फूफा’ जैसा बताया।
दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 10 सितंबर 2026
भारत में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने हाल के दो-तीन ब्रिक्स सम्मेलनों से भारत को मिले ठोस लाभ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इन सम्मेलनों से कोई बड़ा या स्पष्ट परिणाम दिखाई नहीं दिया। चिदंबरम के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने चिदंबरम के बयान को लेकर कांग्रेस के रवैये की तुलना ‘नाराज फूफा’ से की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भारत में कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन होता है और देश की प्रतिष्ठा बढ़ती है, तब कांग्रेस उसमें भी कमियां तलाशने लगती है। भंडारी ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, लेकिन कांग्रेस इसका स्वागत करने के बजाय सवाल उठा रही है।
चिदंबरम ने ब्रिक्स की उपयोगिता पर उठाए सवाल
पी. चिदंबरम ने आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संदर्भ में भारत की बहुपक्षीय कूटनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगठनों और समूहों का हिस्सा है, जिनमें ब्रिक्स के अलावा शंघाई सहयोग संगठन, जी-20 और क्वाड शामिल हैं। चिदंबरम का सवाल है कि इन सभी संगठनों की बैठकों और गतिविधियों से भारत को वास्तव में कितना ठोस लाभ मिल रहा है।चिदंबरम के अनुसार, पिछले दो-तीन ब्रिक्स सम्मेलनों के परिणामों को देखने पर उन्हें कोई ऐसा बड़ा फायदा नजर नहीं आया, जिसे भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पहले के कुछ ब्रिक्स सम्मेलनों की तुलना में हालिया बैठकों से मिलने वाले ठोस परिणाम स्पष्ट नहीं हैं। उनके इस बयान ने सम्मेलन शुरू होने से पहले ही राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
भाजपा ने चिदंबरम के बयान पर किया पलटवार
चिदंबरम के सवालों पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस के रवैये की तुलना ‘नाराज फूफा’ से करते हुए कहा कि पार्टी हर ऐसे अवसर पर असंतोष जताती है, जब देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने का मौका मिलता है। भंडारी के मुताबिक, भारत में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दिखाता है।भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय उनमें कमियां खोजने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी को केवल बैठकों की संख्या से नहीं, बल्कि कूटनीतिक प्रभाव और भविष्य में होने वाले सहयोग के आधार पर भी देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने चिदंबरम की टिप्पणी को राजनीतिक नजरिये से प्रेरित बताया।
‘नाराज फूफा’ टिप्पणी से बढ़ा राजनीतिक विवाद
प्रदीप भंडारी की ‘नाराज फूफा’ वाली टिप्पणी ने इस राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रवैया ऐसा है जैसे कोई व्यक्ति किसी भी उपलब्धि से खुश न होकर हमेशा नाराज रहता हो। उनके अनुसार, भारत में ब्रिक्स सम्मेलन होने के बावजूद कांग्रेस की ओर से सवाल उठाना इसी मानसिकता को दर्शाता है।भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका मजबूत होने का राजनीतिक लाभ केंद्र सरकार को मिल सकता है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से ब्रिक्स को लेकर उठाए गए सवालों का केंद्र भारत को मिलने वाले वास्तविक और ठोस लाभ पर है। ऐसे में दोनों दलों के बीच यह बहस केवल सम्मेलन तक सीमित न रहकर विदेश नीति और सरकार की उपलब्धियों के राजनीतिक मूल्यांकन तक पहुंच गई है।
राहुल गांधी को लेकर भी भाजपा ने साधा निशाना
प्रदीप भंडारी ने अपने बयान में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को शायद यह एहसास होने लगा है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनते देखना उनके लिए संभव नहीं होगा। इसी राजनीतिक निराशा को उन्होंने चिदंबरम के बयान से जोड़ने की कोशिश की।भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि कांग्रेस को यह चिंता भी है कि भारत को ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक अवसर खोने की बेचैनी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी इसी कारण सरकार की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर सवाल उठा रही है।
भाजपा ने कहा- इसी सोच ने कांग्रेस को विपक्ष में रखा
भाजपा ने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक रवैये को उसकी लगातार चुनावी चुनौतियों से जोड़कर भी निशाना साधा। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की उपलब्धियों को सकारात्मक रूप से देखने के बजाय सरकार की हर पहल का विरोध करती है। उनके मुताबिक, इसी तरह की राजनीतिक सोच के कारण कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है।हालांकि, कांग्रेस की ओर से ब्रिक्स को लेकर उठाया गया सवाल मुख्य रूप से भारत को मिलने वाले ठोस लाभ और परिणामों पर केंद्रित है। ऐसे में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियों और उसके परिणामों के साथ यह बहस और तेज होने की संभावना है।
चिदंबरम ने कहा- पहले के सम्मेलनों से मिले थे कुछ ठोस लाभ
पी. चिदंबरम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ब्रिक्स के अस्तित्व या भारत की उसमें भागीदारी पर सीधे सवाल नहीं उठा रहे हैं, बल्कि सम्मेलनों के वास्तविक परिणाम जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन सम्मेलनों से उन्हें कोई खास ठोस लाभ दिखाई नहीं दिया। उनके मुताबिक, पहले आयोजित हुए कुछ ब्रिक्स सम्मेलनों से भारत को कुछ महत्वपूर्ण फायदे मिले थे।चिदंबरम ने इस बात पर भी सवाल किया कि भारत एक साथ कई बहुपक्षीय मंचों का हिस्सा है। ब्रिक्स, शंघाई सहयोग संगठन, जी-20 और क्वाड जैसे समूहों में भारत की भागीदारी है। ऐसे में उनका सवाल है कि इन सभी मंचों पर होने वाली बैठकों से भारत को व्यावहारिक स्तर पर क्या उपलब्धियां मिल रही हैं और उनका देश के हितों पर कितना असर पड़ रहा है।
भारत में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है
भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देश की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ब्रिक्स के मंच पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होती है। भारत के लिए यह सम्मेलन विभिन्न देशों के साथ संबंध मजबूत करने और अपनी प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर भी हो सकता है।यही वजह है कि सम्मेलन से पहले ही इसके संभावित परिणामों को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। सरकार जहां इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में पेश कर सकती है, वहीं विपक्ष की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि ऐसे सम्मेलनों से देश को वास्तविक और ठोस लाभ कितना मिलता है। अब निगाहें सम्मेलन के दौरान होने वाले निर्णयों और उसके बाद सामने आने वाले परिणामों पर रहेंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)