बार अध्यक्ष बोले-युवा और आम वकीलों ने जिताया:महासचिव ने कहा- चैंबर अलॉटमेंट तुरंत होगा, जीते पदाधिकारियों के कड़े तेवर
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव की मतगणना पूरी होने के बाद अध्यक्ष पद पर सीपी उपाध्याय और महासचिव पद पर संतोष मिश्रा ने जीत दर्ज की। जीत के बाद दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपनी प्राथमिकताएं बताईं और अधिवक्ताओं के प्रति आभार जताया। आम अधिवक्ताओं और युवाओं का मिला समर्थन अध्यक्ष पद पर जीत के बाद सीपी उपाध्याय ने कहा हम जीते हैं, कॉमन अधिवक्ताओं के वोट से। उन्होंने कहा कि यदि आम अधिवक्ताओं का समर्थन नहीं होता तो बड़े अधिवक्ताओं की मोनोपोली में फंस जाते। उन्होंने कहा, "हम बहुत खुल के कहते हैं कि मेरे पास युवाओं और आम अधिवक्ताओं का वोट है। जगलरों का नहीं। जगलर तो लगे थे हमको हराने में।
सीपी उपाध्याय ने कहा, "दिशा और दशा दोनों बदलेगी हाईकोर्ट की, ये मेरा वादा है।" उन्होंने आगे कहा कि लंबे समय से चल रहे दलाली के काम को खत्म किया जाएगा। उनके शब्दों में, "बहुत दिनों से दलाली का काम चलता रहा है, वो खत्म होगा। अब बहुत क्लियर-कट रूल आएगा, बहुत क्लियर-कट संविधान रहेगा। किसी को आपत्ति नहीं होगी।" नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा कि उनके लिए युवा से लेकर बुजुर्ग तक सभी अधिवक्ता बराबर हैं। हालांकि उन्होंने महिला अधिवक्ताओं का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, "युवा के अलावा जितनी महिलाएं हैं, उनका मैं विशेष रूप से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मेरा बढ़-चढ़ के साथ दिया है। मैं उनके लिए हृदय से आभारी हूं।" संतोष मिश्रा बोले- आज से सभी अधिवक्ता महासचिव महासचिव पद पर जीत दर्ज करने के बाद संतोष मिश्रा ने भी अपने समर्थक अधिवक्ताओं का आभार जताया। संतोष मिश्रा ने कहा कि उनके पास अधिवक्ता साथियों को धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है और इसके लिए वह आजीवन आभारी रहेंगे। चेंबर अलॉटमेंट प्राथमिकता, अधिवक्ताओं के साथ अन्याय का विरोध करने की बात नई कार्यकारिणी में महासचिव की जिम्मेदारी संभालने के बाद संतोष मिश्रा ने अपनी प्राथमिकताएं भी गिनाईं।
उन्होंने कहा, "प्राथमिकता है, चेंबर अलॉटमेंट मैं तुरंत कराऊंगा।" इसके साथ ही उन्होंने बेंच की निरंकुशता और अधिवक्ताओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर भी अपनी बात रखी। संतोष मिश्रा ने कहा, "जो बेंच की निरंकुशता है, जो हमारे अधिवक्ता साथियों के साथ आए दिन अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जाता है, उसका मैं पुरजोर विरोध करूंगा।" उन्होंने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा, "आज से किसी भी अधिवक्ता के साथ किसी भी प्रकार की कोई भी अन्यायपूर्ण कार्रवाई होगी, तो उसके साथ मैं खड़ा मिलूंगा, यह मैं विश्वास दिलाता हूं।" इस तरह मतगणना के बाद अध्यक्ष सीपी उपाध्याय और महासचिव संतोष मिश्रा ने अपनी जीत का श्रेय आम अधिवक्ताओं के समर्थन को दिया। दोनों ने नई जिम्मेदारी संभालने के साथ अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
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