बदायूं में रामलीला के दौरान नारद मोह का मंचन:दरभंगा के कलाकारों ने जीवंत किए प्रसंग, विष्णु की माया से टूटा महर्षि नारद का मोह
कठोर तपस्या के बाद जब नारद मुनि को अपनी साधना पर अभिमान हो गया, तो भगवान विष्णु ने अपनी माया से उनका अहंकार तोड़ दिया। शनिवार रात बदायूं के गांधी ग्राउंड में चल रही श्रीरामलीला में नारद मोह का मंचन किया गया। बिहार के दरभंगा से आए कलाकारों ने इस प्रसंग को संवाद और अभिनय के जरिए जीवंत किया। लीला देखने के लिए सैकड़ों दर्शक पहुंचे। इधर, रामलीला के साथ लगने वाला मेला भी रफ्तार पकड़ने लगा है। झूले शुरू हो गए हैं और दुकानें सजने लगी हैं। श्रीरामलीला महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में दिखाया गया कि नारद मुनि की तपस्या भंग करने में जब कामदेव सफल नहीं हुए, तो उन्हें अपनी साधना पर अभिमान हो गया। भगवान विष्णु ने उनका अभिमान दूर करने के लिए माया रची। एक सुंदर नगरी में राजकुमारी विश्वमोहिनी के स्वयंवर को देखकर नारद मुनि मोहित हो गए। उन्होंने भगवान विष्णु से सुंदर रूप मांगा, लेकिन माया के प्रभाव में उन्हें वानर जैसा चेहरा मिला। स्वयंवर में राजकुमारी ने भगवान विष्णु को वरमाला पहना दी। इससे नारद मुनि क्रोधित हुए और उन्होंने भगवान विष्णु को पत्नी वियोग का शाप दे दिया। बाद में उन्हें अपनी भूल का अहसास हुआ। इस प्रसंग के जरिए अहंकार के त्याग और विनम्रता का संदेश दिया गया। रामलीला के साथ गांधी ग्राउंड में मेला भी सजने लगा है। यहां करीब 200 दुकानें लगाई जाएंगी। इनमें रेस्टोरेंट, कपड़े, सजावट का सामान, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, खिलौने, खेल का सामान, लकड़ी और क्रॉकरी बाजार शामिल होंगे। झूले शुरू होने के साथ मेले में लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। दुकानदार अपनी दुकानें सजाने में जुटे हैं। इससे पहले शहर में भगवान शंकर की बारात की शोभायात्रा निकाली गई थी। इसमें झांकियां और अखाड़े शामिल रहे। रविवार को रामलीला में रावण जन्म का मंचन किया जाएगा। इसके साथ रामकथा के अगले प्रसंगों का मंचन आगे बढ़ेगा। धार्मिक आयोजनों के साथ गांधी ग्राउंड का मेला भी अब रौनक पकड़ने लगा है।
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