बेटी ने गोल्ड मेडल जीता, पिता साइबर ठगी में गिरफ्तार:गोरखपुर में पकड़े गए 5 जालसाज, अय्याशी और करोड़पति बनने की खातिर शुरू किया धंधा
गोरखपुर में 5 शातिर साइबर जालसाज पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि हाई-फाई जिंदगी, अय्याशी और शार्ट कट करोड़पति बनने के लिए जालसाजी का धंधा कर रहे थे। गोरखपुर में 34 म्यूल खाते खोलकर जालसाजी कर हड़पे गए 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपए का ट्रांजेक्शन भी किया गया। यही नहीं एक आरोपी की बेटी को हाल ही में गोल्ड मेडल भी मिला था। जिससे परिवार का मान सम्मान बढ़ गया था। लेकिन आरोपी की करतूत सामने आने के बाद गोल्ड मेडल की चमक भी फीकी पड़ गई, परिवार अब शर्म की वजह से घर से बाहर तक नहीं निकल रहा है। साइबर सेल और चिलुआताल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह साइबर ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगवाता था और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदल देता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 76 हजार 700 रुपए नकद, एक कैश काउंटिंग मशीन, लग्जरी कार, 22 एटीएम कार्ड और बड़ी संख्या में चेकबुक व पासबुक बरामद की हैं। गिरोह लोगों को 20% कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल करता था। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े खाताधारकों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। 20% कमीशन का लालच देकर खाते लेते थे एसपी क्राइम अयोध्या प्रसाद ने शुक्रवार को पुलिस लाइन के व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया है। आरोपी भोले-भाले लोगों को 20% कमीशन देने का लालच देकर उनके बैंक खाते लेते थे। इसके बाद देशभर में साइबर ठगी और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से मिली रकम इन खातों में मंगवाई जाती थी। आरोपी एटीएम कार्ड और चेक के जरिए खातों से नकदी निकालते थे। अपना कमीशन काटने के बाद बाकी रकम को विदेशी एजेंटों की मदद से USDT में बदलवाकर बताए गए क्रिप्टो वॉलेट पर भेज देते थे। इस तरीके से ठगी की रकम का स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती थी। 34 खातों में 4.09 करोड़ का लेनदेन पुलिस के मुताबिक, अब तक 34 म्यूल बैंक खातों की जांच की गई है। इनमें साइबर फ्रॉड के 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपए आने की पुष्टि हुई है। इस मामले से बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों की शिकायतें जुड़ी हैं। पुलिस ने गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें महराजगंज के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश पांडेय को ग्रुप लीडर बताया गया है। अन्य आरोपियों में राजघाट के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, एम्स थाना क्षेत्र निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीम नगर निवासी मकसूद आलम खान शामिल हैं। किसी की खाते जुटाने तो किसी की USDT में बदलने की जिम्मेदारी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश पांडेय: पुलिस के मुताबिक, वह गिरोह का स्थानीय लीडर था। सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए बैंक खातों की जानकारी जुटाता था। ठगी की रकम मंगवाने से लेकर नकदी निकलवाने और उसे USDT में बदलवाने तक की व्यवस्था करता था। वह पिछले एक साल से इस काम में शामिल था। रवि वर्मा: उसकी भूमिका म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने की थी। वह लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक लेता था। नकदी निकालने पर वह 10% कमीशन रखता था। आदर्श सिंह और प्रज्ञा रतन: पुलिस के अनुसार, दोनों नकदी को USDT में बदलवाने का काम करते थे। वे नवनीत से नकदी लेकर मकसूद के जरिए उसे USDT में बदलवाते थे। इसके बदले उन्हें प्रति USDT 160 रुपए कमीशन मिलता था। मकसूद आलम खान: वह विदेशी एजेंटों के संपर्क में रहता था। नकदी लेकर उनके जरिए USDT में बदलवाता और रकम बताए गए क्रिप्टो वॉलेट पर ट्रांसफर कराता था। पुलिस के मुताबिक, उसके पास से 12.76 लाख रुपए नकद और 19 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामले में चिलुआताल थाने में केस दर्ज किया है। पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस गिरोह से जुड़े बैंक खाताधारकों और ठगी की रकम के पीछे मौजूद मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
1
Angry
0
Comments (0)