भाजपा मुख्यालय में मेयर सुषमा खर्कवाल को पीछे बैठाया:राजनाथ की पीसी में दूसरी पंक्ति में दिखीं मेयर, पार्टी नेताओं से नाराजगी के संकेत

Oct 16, 2026 - 13:24
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भाजपा मुख्यालय में मेयर सुषमा खर्कवाल को पीछे बैठाया:राजनाथ की पीसी में दूसरी पंक्ति में दिखीं मेयर, पार्टी नेताओं से नाराजगी के संकेत
शुक्रवार, 16 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल को पहली पंक्ति के बजाय दूसरी पंक्ति में सुरक्षाकर्मियों के साथ बैठाया गया। जबकि, मंच पर पहली लाइन में राजनाथ सिंह के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह और मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित बैठे थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजनाथ सिंह समेत मंच पर मौजूद वरिष्ठ नेता मेयर की कार्यशैली से नाराज चल रहे हैं।पढ़िए पूरी खबर… जानकारों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मेयर के कामकाज से खुश नहीं हैं। वहीं, मेयर और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बीच भी राजनीतिक खींचतान की चर्चा है। लखनऊ के कई भाजपा विधायक और पार्षद भी मेयर से नाराज बताए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि मेयर उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेतीं। नगर निगम के कामकाज में ढिलाई और लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने को लेकर भाजपा के कई विधायक पार्टी के बड़े नेताओं को चिट्ठी भी लिख चुके हैं। मेयर और जनप्रतिनिधियों के बीच इस नाराजगी और खींचतान का मामला कई बार दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है। महानगर अध्यक्ष को कुर्सी तक नहीं मिली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लखनऊ महानगर भाजपा अध्यक्ष आनंद द्विवेदी को बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं दी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे सुरक्षा कर्मियों के साथ खड़े ही रहे। इसे लेकर भी संगठन के अंदर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के अधिकारी हमेशा शीर्ष नेताओं के साथ पहली पंक्ति में दिखाई देते हैं। 45 भाजपा पार्षदों ने फंड नहीं देने का आरोप लगाया मेयर और पार्षदों के बीच फंड को लेकर भी भारी खींचतान चल रही है। अगस्त महीने में एक दर्जन से ज्यादा पार्षदों ने मेयर पर विकास कार्यों के लिए बजट न देने का गंभीर आरोप लगाया था। दरअसल, लखनऊ नगर निगम में इसी साल मई में 68 करोड़ 66 लाख रुपए का बजट पास किया गया था। इसमें अवस्थापना निधि के 55.40 करोड़ रुपए और 15वें वित्त आयोग से मिले 13 करोड़ रुपए शामिल थे। ये फंड पार्षदों को मिलने वाले सालाना 2.10 करोड़ रुपए के विकास फंड से अलग था। आरोप है कि मेयर ने इस बजट में से सपा के 14 और भाजपा के 45 पार्षदों को एक भी पैसा नहीं दिया। लखनऊ के कुल 110 वार्डों में से भाजपा के 84 पार्षद हैं। अपनी ही पार्टी के 45 पार्षदों का फंड रोके जाने से भाजपा पार्षदों में भारी नाराजगी है। नाराज पार्षदों ने लखनऊ के सांसद और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर इसकी लिखित शिकायत भी की थी। मेयर बोलीं- भेदभाव नहीं किया, किसी के इशारे पर आरोप लगा रहे विवाद बढ़ने पर मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। आरोपों पर मेयर का कहना है कि विकास फंड का आवंटन जरूरत के हिसाब से किया जाता है और किसी भी वार्ड के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ है। उन्होंने पार्षदों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ पार्षद किसी राजनीतिक दबाव या इशारे पर उन पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। ----------------- ये भी पढ़ें- सपा के बागी 3 विधायकों का भाजपा से टिकट पक्का:बाहुबली अभय के खिलाफ संगठन; विनोद की कालपी सीट पर ‘निषाद कोटे’ का पेंच सपा के 7 बागी विधायकों में से 3 को भाजपा से टिकट मिलना पक्का माना जा रहा है। इनमें ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडेय हैं, जिन्हें योगी कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। चायल विधायक पूजा पाल को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बना चुकी हैं। राकेश प्रताप सिंह ने 14 अक्टूबर को भाजपा जॉइन कर ली है। सपा से बगावत करने वाले 3 विधायकों को कहां से टिकट मिल सकता है, ये जानिए।

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