भद्रकाली धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब:श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
घाटमपुर के भदरस गांव स्थित करीब 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां भद्रकाली धाम में शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त माता के दर्शन और पूजन के लिए लंबी कतारों में लगे नजर आए। नवरात्रि के पावन पर्व को लेकर मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ माता को चुनरी, नारियल और फूल-माला अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में इस प्राचीन मंदिर को लेकर गहरी आस्था है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भद्रकाली धाम में मां काली की मूर्ति किसी के द्वारा स्थापित नहीं की गई है, बल्कि यह स्वयं प्रकट (स्वयंभू) हुई थी। मंदिर की एक और अद्भुत विशेषता यह है कि मुख्य प्रतिमा के ठीक पीछे 12 अन्य देवी मूर्तियां भी स्थापित हैं। स्थानीय लोगों का यह अटूट विश्वास है कि माता रानी यहां दिन में तीन बार अपने भक्तों को अलग-अलग रूपों में दर्शन देती हैं, जिसके चलते यहां दर्शनों का विशेष महत्व माना जाता है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नवरात्रि के चौथे दिन मंदिर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर को रोशन करते हुए हजारों दीप प्रज्वलित किए जाएंगे, जिसका नजारा बेहद अद्भुत होता है। इसके अलावा, विजयादशमी (दशहरे) के दिन भी मंदिर परिसर में हर साल रावण दहन का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें भारी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल होते हैं।
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