बिजनौर में किसान बैरिकेड तोड़ गन्ना समिति में घुसे:पुलिस और किसानों के बीच हुई धक्का-मुक्की, गन्ना भुगतान और गुलदार समस्या पर किया प्रदर्शन
बुधवार को डेढ़ बजे भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर बिजनौर पहुंचे। प्रदर्शन पर रोक के बावजूद किसान बैरिकेडिंग तोड़कर गन्ना समिति तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए कलेक्ट्रेट, समाजवादी पार्टी कार्यालय, नुमाइश ग्राउंड चौराहा और रोडवेज बस स्टैंड समेत कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगाई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात थे। भाकियू लोक शक्ति के अध्यक्ष श्योराज ने बताया कि पुलिस की कोशिशों के बावजूद किसान अपने तय स्थल तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने सरकार पर आंदोलनों को दबाने का आरोप लगाया। पिछले साल का भुगतान बकाया किसानों की मुख्य मांगों में गन्ना भुगतान और गुलदार की समस्या है। श्योराज ने बताया कि कई चीनी मिलों पर पिछले साल का भुगतान बकाया है। गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर नाराजगी जताई। किसानों ने जल्द भुगतान और लाभकारी मूल्य बढ़ाने की मांग की। भाकियू लोक शक्ति के अध्यक्ष श्योराज ने कहा कि आज देश में अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन चल रहे हैं। किसान भी अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजनौर में किसानों की पंचायत रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने रास्तों पर पांच से सात जगह बैरिकेडिंग लगाई और बल प्रयोग कर किसानों को रोकने का प्रयास किया। उनके अनुसार, इसके बावजूद किसान अपने निर्धारित स्थल तक पहुंचने में सफल रहे। श्योराज ने कहा कि सरकार आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन किसान पीछे हटने वाले नहीं हैं। गन्ना भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान किसान नेता ने कहा कि ज़िले में गुलदार की समस्सया है ,बिजनौर में गन्ना भुगतान किसानों की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल है। कई चीनी मिलों पर पिछले साल का भुगतान भी बकाया है। उन्होंने गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों ने भुगतान जल्द कराने और गन्ने का लाभकारी मूल्य बढ़ाने की मांग उठाई।
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