बिना दिमाग वालों की सरकार चला रहे प्रधानमंत्री:सहारनपुर में पूर्व एमएलसी बोले–मंत्री नहीं, अखिलेश को गाली देने के लिए आउटसोर्स रखे मंत्री, 2027 में भाजपा का सफाया
समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप गुरुवार को अंबाला रोड स्थित सपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा सरकार और उसके सहयोगी दलों के नेताओं पर जमकर हमला बोला। राजपाल कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार में पिछड़े, दलित, किसान, नौजवान और अल्पसंख्यक सभी परेशान हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पेपर लीक, आरक्षण में कटौती और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। राजपाल कश्यप ने प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता अपने-अपने समाज के लिए आरक्षण का मुद्दा हल नहीं करा पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन नेताओं को केवल समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ बयानबाजी करने के लिए रखा है। उन्होंने कहा, “ये ठेके पर गाली देने वाले मंत्री हैं। जिस दिन ये गाली नहीं देंगे, उसी दिन इनका मंत्रालय चला जाएगा।” मंत्री हैं तो अपने समाज को आरक्षण दिलाएं राजपाल कश्यप ने कहा कि अनिल राजभर राजभर समाज से आते हैं। अगर उन्हें अपने समाज की चिंता है तो उन्हें राजभर समाज को आरक्षण दिलाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में अखिलेश यादव ने कश्यप, निषाद, बिंद, धीमर, मल्लाह, कहार, माझी, मझवार, तुरहा, भर, राजभर और प्रजापति समेत 17 जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस व्यवस्था को आगे नहीं बढ़ाया। राजपाल कश्यप ने कहा कि अगर भाजपा के मंत्री अपने समाज के लिए आरक्षण नहीं दिला पा रहे हैं तो उन्हें इस मुद्दे पर जनता को जवाब देना चाहिए। अखिलेश के काम की वजह से 2024 में जनता साथ आई पूर्व एमएलसी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के प्रदर्शन के पीछे अखिलेश यादव का संगठन, पीडीए और जनता का भरोसा था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में 100 नंबर, 1090 और 108 जैसी सेवाएं शुरू की गईं। सड़क, पुल, स्कूल, विश्वविद्यालय, मेट्रो, महिला और गर्भवती महिलाओं के लिए एंबुलेंस तथा पशुओं के लिए एंबुलेंस जैसी योजनाएं शुरू करने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में एचसीएल और नोएडा में सैमसंग जैसी कंपनियों के आने के साथ ही मेट्रो का विस्तार किया गया। लैपटॉप वितरण और कन्या विद्याधन जैसी योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। सीटों की नहीं, भाजपा को हटाने की लड़ाई 2027 के विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर राजपाल कश्यप ने कहा कि इसका फैसला अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव में मुद्दा किसी एक व्यक्ति को टिकट मिलने या न मिलने का नहीं, बल्कि भाजपा को हटाने का है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सीट छोड़ने से भी भाजपा हटती है तो वह सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं। सपा नेता ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है और उनका गठबंधन जिन दलों के साथ था, उनके साथ आगे भी रहेगा। भाजपा के दफ्तर में भ्रष्टाचार और अपराधी मिलेंगे राजपाल कश्यप ने भाजपा पर भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में थाने, चौकी, तहसील और जिला स्तर तक बिना पैसे के काम नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, संसद भवन और पानी की टंकियों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए सरकार पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार की आलोचना करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। इसे उन्होंने प्रदेश में “अघोषित इमरजेंसी” जैसा बताया। कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा राजपाल कश्यप ने कहा कि सरकार अपराधियों के प्रदेश से बाहर चले जाने या ऊपर चले जाने की बात करती है, लेकिन प्रदेश में लगातार हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कश्यप समाज के लोगों की हत्या के मामलों का जिक्र किया। उन्होंने मुजफ्फरनगर के खड़ग गांव में जयसिंह कश्यप की हत्या का भी उल्लेख किया। राजपाल कश्यप के मुताबिक, वह पार्टी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। परीक्षा लीक, बेरोजगारी और आरक्षण बड़ा मुद्दा राजपाल कश्यप ने पेपर लीक और सरकारी भर्तियों में आरक्षण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परीक्षाओं के पेपर लीक होने से नौजवान परेशान हैं। उन्होंने दावा किया कि भर्ती और आरक्षण से जुड़े मामलों का पूरा आंकड़ा समाजवादी पार्टी ने बुकलेट के माध्यम से जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को आउटसोर्स और संविदा की नौकरियों तक सीमित किया जा रहा है। चार साल की अग्निवीर योजना का भी उन्होंने विरोध किया। उनका कहना था कि युवाओं को स्थायी रोजगार और पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। ई-रिक्शा इतनी अच्छी नौकरी है तो मंत्री भी चलाएं राजपाल कश्यप ने स्वास्थ्य मंत्री के ई-रिक्शा चलाने को रोजगार के रूप में देखने वाले बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि ई-रिक्शा चलाना इतनी अच्छी नौकरी है तो मंत्री और उनके परिवार के लोग भी इसे अपनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई पर परिवार हजारों रुपए खर्च करता है, लेकिन पढ़े-लिखे युवाओं को कम वेतन वाली नौकरियों के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गन्ना भुगतान और किसानों का मुद्दा उठाया उन्होंने किसानों के गन्ना भुगतान का मुद्दा भी उठाया। कहा कि सरकार ने 14 दिन में भुगतान का वादा किया था, लेकिन किसानों का बकाया अभी भी बाकी है। राजपाल कश्यप ने कहा कि अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर 24 घंटे में गन्ने का भुगतान कराने और किसानों को लाभकारी मूल्य देने की बात कही है। पश्चिमी यूपी से शुरू होगा भाजपा का सफाया राजपाल कश्यप ने कहा कि सपा की पीडीए जनपंचायतें पूरे प्रदेश में आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में वह सहारनपुर पहुंचे हैं। इसके बाद शामली, मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों में भी कार्यक्रम होंगे। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भाजपा के खिलाफ माहौल बनेगा और 2027 में सपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि छात्र, नौजवान, किसान, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और महिलाएं भाजपा सरकार से परेशान हैं। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। निर्वाचन आयोग पर भी भरोसा नहीं बचा राजपाल कश्यप ने निर्वाचन आयोग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पहले भी चुनाव से जुड़े आंकड़े और दस्तावेज आयोग के सामने रख चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और देश की संपत्तियों को बेचा जा रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूल बंद होने, शराब के ठेके बढ़ने और आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उनका कहना था कि सपा संविधान और आरक्षण की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है। पुलिस कार्रवाई में जाति देखकर भेदभाव राजपाल कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस कार्रवाई में जाति और धर्म देखकर भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के लोगों की हत्या के मामलों में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर के एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया। उन्होंने लखनऊ में विनोद साहनी की हत्या का भी जिक्र किया। राजपाल कश्यप के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव बनाना पड़ा और बाद में एफआईआर, गिरफ्तारी तथा पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई। ‘2027 में पीडीए के साथ जनता’ अंत में राजपाल कश्यप ने कहा कि सपा का पीडीए गठबंधन मजबूत है और जनता का भरोसा अखिलेश यादव के साथ है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता जवाब देगी। साथ ही कहा कि चुनाव केवल सीटों का नहीं, बल्कि संविधान, आरक्षण, रोजगार, भाईचारे और सामाजिक न्याय का मुद्दा होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)