बलरामपुर में बारिश-आंधी से पेड़-खंभे गिरे, शहर अंधेरे में:राप्ती का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा; प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया
बलरामपुर में लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं से जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आने-जाने वालों को दिक्कतें हों रही हैं। बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। जिला मुख्यालय समेत शहरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से बिजली संकट बना हुआ है, जबकि कई ग्रामीण इलाकों में तीन दिन से विद्युत आपूर्ति ठप है। बिजली के अभाव में शहर में पीने के पानी का संकट भी गहराने लगा है। तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर जिले की धान और गन्ने की फसलों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी धान की फसलें हवा के झोंकों से जमीन पर बिछ गई हैं, जबकि गन्ने की फसल भी गिरने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। जिला प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन कराया जा रहा है।
लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के कई महत्वपूर्ण मार्गों पर पेड़ गिर गए हैं।इससे आवागमन बाधित है।जगह-जगह बिजली के खंभे भी धराशायी होने से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है।बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों से पेड़ हटाकर आवागमन सुचारु कराने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं,लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में लगातार बाधा डाल रहा है। लगातार बारिश के बीच राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है,जिससे बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। बिगड़ते मौसम और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और अति आवश्यक होने पर ही सुरक्षित तरीके से बाहर जाएं। फिलहाल जिले में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। बिजली,यातायात,फसल और जनजीवन पर पड़े व्यापक असर के बीच प्रशासन के सामने व्यवस्था को जल्द पटरी पर लाने के साथ-साथ संभावित बाढ़ से निपटने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।
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