बलरामपुर रामलीला में श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष:परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां, सीता स्वयंवर और राम विवाह का मंचन

Oct 15, 2026 - 07:03
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बलरामपुर रामलीला में श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष:परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां, सीता स्वयंवर और राम विवाह का मंचन
बलरामपुर। नगर में चल रही श्रीश्री 108 सत्य प्रचारिणी रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला का मंचन बुधवार रात 1:15 तक दर्शकों के लिए अत्यंत मनमोहक और भावविभोर करने वाला रहा। मंचन में फुलवारी लीला, रावण-बाणासुर संवाद, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद तथा राम-विवाह जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों की जीवंत प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंचन की शुरुआत रावण-बाणासुर संवाद से हुई। इस प्रसंग में रावण की गर्वोक्ति और बाणासुर के साथ उसका संवाद दर्शकों के लिए अत्यंत रोचक रहा। इसके बाद जनकपुर का दृश्य जीवंत किया गया, जहां राजा जनक के दरबार में आयोजित धनुष यज्ञ ने सभी को रोमांचित कर दिया। मंच पर विश्वभर से आए नरेशों द्वारा शिवधनुष उठाने के असफल प्रयास को देखकर श्रोताओं ने सांसें थाम लीं। वहीं, जब भगवान श्रीराम ने सहजता से शिवधनुष उठाकर उसे तोड़ दिया, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जयघोषों से गूंज उठा। इसके बाद मंचित हुआ सीता स्वयंवर प्रसंग,जिसमें सीता जी द्वारा भगवान श्रीराम को वरण करने का दृश्य अत्यंत भावपूर्ण रहा।इसके पश्चात परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने हास्य और वीर रस का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत किया।लक्ष्मण की विनोदपूर्ण वाणी और परशुराम की गर्जना से मंचन में जो ऊर्जा उत्पन्न हुई, उसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परशुराम के क्रोधित होने पर श्रीराम ने कहा किए"धनुष तोड़ने वाला कोई शिव का प्यारा ही होगा",पूरे प्रसंग को और भी मार्मिक बना गया।मंचन का समापन भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग से हुआ।विवाह गीतों,मंगल ध्वनियों और भव्य बारात की झांकी ने पूरे पंडाल को मिथिला नगरी में बदल दिया। सजावट,संगीत और कलाकारों का अभिनय देखकर ऐसा प्रतीत हुआ मानो सीता-राम विवाह का दिव्य दृश्य प्रत्यक्ष उपस्थित हो गया हो।रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि लखीमपुर खीरी के न्यू आदर्श रामलीला मण्डल के कलाकारों द्वारा राधेश्याम रामायण पर आधारित मंचन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करता है,बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का भी कार्य करता है।दर्शकों ने पूरी रात भावविभोर होकर रामलीला का आनंद लिया और बार-बार"जय श्रीराम"के गगनभेदी नारे लगाते रहे।

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