बरौली चेयरमैन पर दो साथियों सहित FIR दर्ज:अलीगढ़ में एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा,लिपिक ने लगाए पिस्टल तानने और अपहरण की कोशिश के आरोप

Oct 18, 2026 - 10:41
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बरौली चेयरमैन पर दो साथियों सहित FIR दर्ज:अलीगढ़ में एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा,लिपिक ने लगाए पिस्टल तानने और अपहरण की कोशिश के आरोप
बरौली नगर पंचायत के भाजपा चेयरमैन मनोज सिंह के खिलाफ लिपिक कपिल पाठक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो गई है। कपिल ने चेयरमैन पर पिस्टल तानने, गला दबाने, जबरन गाड़ी में बैठाकर अपहरण की कोशिश और पत्नी से अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं। मामले में चेयरमैन के साथ नगर पंचायत के ड्राइवर दुष्यंत राघव और कार्यालय सहायक राजू शर्मा को भी नामजद किया गया है। एसएसपी के निर्देश पर मडराक थाने में 18 अक्टूबर की रात मुकदमा दर्ज हुआ। उधर, चेयरमैन आरोपों को लगातार झूठा और निराधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि वह हर स्तर पर अपना पक्ष रखेंगे और उन्हें न्याय मिलने का भरोसा है। बुलाने पहुंचे कर्मचारी, बाहर निकलते ही पिस्टल तानने का आरोप एफआईआर के मुताबिक, घटना 12 अक्टूबर की रात करीब 11:05 बजे समृद्धि टाउनशिप, आगरा रोड स्थित कपिल के घर के बाहर हुई। कपिल का आरोप है कि नगर पंचायत के ड्राइवर दुष्यंत राघव और कार्यालय सहायक राजू शर्मा उसे बुलाने पहुंचे थे। बाहर आते ही चेयरमैन मनोज सिंह ने कथित तौर पर पिस्टल तान दी और गाड़ी में बैठने को कहा। विरोध करने पर गाड़ी में उसका गला दबाया गया और कनपटी पर पिस्टल लगा दी गई। कपिल ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने जान से मारने की नीयत से हमला किया और जबरन ले जाने की कोशिश की। पत्नी को धक्का, कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने का दावा कपिल के अनुसार, शोर सुनकर पत्नी शिवानी उसे बचाने पहुंचीं तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि खींचतान में पत्नी के कपड़े फाड़ दिए गए। पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल करने के लिए मोबाइल निकालने पर छाती पर पिस्टल रखकर फोन छीनने का भी आरोप लगाया गया है। शोर सुनकर लोग जमा हुए तो आरोपी गाड़ी से चले गए। कपिल ने तहरीर में कार्यालय में गोली मारने की धमकी मिलने और परिवार की सुरक्षा को लेकर डर जताया है। चेयरमैन का पक्ष- पीएफ और कार्यालय के काम को लेकर हुआ था विवाद मनोज सिंह इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। वह सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रख रहे हैं और भास्कर से बातचीत में आरोपों को निराधार बताते हुए न्याय मिलने का भरोसा जता चुके हैं। उनका कहना है कि वह हर जगह अपना पक्ष रखेंगे। इससे पहले चेयरमैन ने विवाद की वजह नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों के आठ महीने से लंबित पीएफ भुगतान और बजट संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने में देरी को बताया था। उनके मुताबिक, लिपिक के समय से कार्यालय नहीं पहुंचने और फोन नहीं उठाने को लेकर कहासुनी हुई थी। उन्होंने मोबाइल लेने की बात स्वीकार की थी, लेकिन पिस्टल तानने, गला दबाने और मारपीट के आरोपों को गलत बताया था। पहले एसएसपी, फिर डीएम तक पहुंचा था मामला कपिल ने 14 अक्टूबर को एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी। कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर वह पत्नी, बेटी, परिजनों और दूसरी नगर पंचायतों के लिपिकों के साथ डीएम अविनाश कुमार सिंह से भी मिला था। डीएम ने जांच के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया था। अब एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 115(2), 352, 351(3), 109(1), 76, 309(4), 140(1) और 62 लगाई गई हैं। मामले की जांच उपनिरीक्षक दयानंद सिंह को सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होने से अब मामले की पुलिस जांच औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। एक ओर लिपिक ने हथियार के दम पर धमकाने और परिवार से अभद्रता के गंभीर आरोप लगाए हैं, दूसरी ओर चेयरमैन इन्हें सिरे से नकार रहे हैं। अब जांच में दोनों पक्षों के दावों, घटना के हालात और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल से ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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