बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत चौड़ी होगी रोड:206 से अधिक दुकान-मकान, शोरूम, हॉस्पिटल, पुलिस चौकी और धार्मिक स्थलों पर चलेगा बुलडोजर
बरेली में इन दिनों ईंट पजाया चौराहे (शामतगंज) से लेकर महर्षि चौक (स्टेडियम रोड) तक करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। यहां सभी घरों, दुकानों, शोरूम, हॉस्पिटल, मॉडल टाउन पुलिस चौकी समेत धार्मिक स्थलों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं। किसी भी दिन यहां बुलडोजर चल सकता है। ऐसे में यहां के लोगों में बुलडोजर को लेकर दहशत है। लोगों को अपना रोजगार छिनने और अपने सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि जब नगर निगम नहीं था, तब से यहां रह रहे हैं, दुकानें भी तभी की हैं। सभी का समय पर टैक्स भी जमा हो रहा है। जब नगर निगम टैक्स जमा करता था तो फिर ये अतिक्रमण कैसे हो जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि सरकार हमारा जितना चाहे उत्पीड़न कर ले, क्योंकि हम प्रशासन से लड़ तो नहीं सकते हैं। बस अपनी बात उचित फोरम पर रख सकते हैं, बाकी निर्णय तो उस फोरम को लेना है कि वो हमें बर्बाद करना चाहता है या फिर आबाद। पेश है दैनिक भास्कर की खास ग्राउंड रिपोर्ट: ईंट पजाया से महर्षि चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम ने चस्पा किए नोटिस
यह बरेली का ईंट पजाया चौराहे (शामतगंज) से लेकर महर्षि चौक (स्टेडियम रोड) का इलाका है। यहां के दोनों ओर पड़ने वाले हर मकान-दुकान, शोरूम, हॉस्पिटल, पुलिस चौकी और धार्मिक स्थलों पर लाल निशान दहशत फैला रहे हैं। मुख्यमंत्री ग्रिड (CM-Grid) योजना के तीसरे चरण के तहत इस मुख्य सड़क को 6-लेन 'मॉडल रोड' के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आने वाले 200 से अधिक निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। थाना बारादरी की मॉडल टाउन पिंक पुलिस चौकी पर भी लगा लाल निशान, 12 से 14 फीट टूटेगा हिस्सा
इस चौड़ीकरण की जद में सिर्फ आम जनता के मकान-दुकान ही नहीं, बल्कि सरकारी भवन और पुलिस चौकियां भी आ गई हैं। थाना बारादरी के अंतर्गत राजेंद्र नगर स्थित 'पिंक बूथ / मॉडल टाउन पुलिस चौकी' की दीवार पर भी नगर निगम ने लाल क्रॉस (X) का निशान लगाकर नोटिस चस्पा कर दिया है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के मुताबिक, चौकी का लगभग 12 से 14 फीट तक का आगे का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा है, जिसे आगे तक तोड़ा जाएगा। व्यापारी पुरुषोत्तम बोले- '1968 से दुकानें हैं, 1956 की रजिस्ट्री है; हम सरकार से लड़ नहीं सकते'
ईंट पजाया से स्टेडियम रोड मार्ग पर दुकान चलाने वाले स्थानीय वरिष्ठ व्यापारी पुरुषोत्तम ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा:
"हमारी दुकान सन 1968 की है, तब यहां बीडीए (BDA) भी नहीं था। तभी से यहां दुकानें हैं। हमारे पास नगर निगम का दुकानों का कागज भी है जो 1977 का है। 1977 में जब पिताजी लोगों ने नगर निगम का टैक्स जमा कराया होगा, उसमें भी हमारी दुकानें दर्ज हैं। तब से हमारी दुकानें उसी जगह पर स्थित हैं। अब हमारे पास नोटिस आया है और लाल निशान भी लगा दिया गया है। हम अपने नोटिस का जवाब देंगे और कागजात दिखाएंगे। हमारे यहां 15 फुट का निशान लगाकर गए हैं। वो जमीन अतिक्रमण में नहीं है, वो जमीन हमारी है! अगर सरकार लेगी तो उसे हमें मुआवजा देना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा:
"वे कहते हैं कि अतिक्रमण है, तो हम अपने कागज दिखाएंगे तभी तय होगा। बाकी सब सरकार के हाथ में है। सरकार से हम व्यापारी आदमी लड़ तो सकते नहीं हैं। हम तो हमेशा सरकार के साथ रहते हैं, लड़ने की न हमारी क्षमता है, न कभी लड़े हैं और न लड़ेंगे। सरकार को सोचना चाहिए, एक तो वैसे ही रोजगार नहीं है, ऊपर से व्यापारियों का रोजगार छिनेगा तो बेरोजगारी और बढ़ेगी। यहां सबकी अपनी पुश्तैनी जगह है, नाले से पीछे है। नाला इसीलिए बना था कि उसके आगे अतिक्रमण न हो। हमारे पास 1956 की रजिस्ट्री और कस्टोडियन प्रॉपर्टी (इवेक्यूई प्रॉपर्टी) के पूरे सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। हमारी सरकार से बस यही गुजारिश है कि हमें न्याय मिले और परिवारों को न उजाड़ा जाए।" 8 से 20 फीट तक चौड़ीकरण का दायरा, 70-80 साल पुराने आशियाने उजड़ने का डर
नगर निगम के अनुसार, श्यामगंज पुल से लेकर महर्षि कश्यप चौक तक सड़क के दोनों ओर 8 फीट से लेकर 15-20 फीट तक का दायरा चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि नोटिस पर तारीख पहले की दर्ज है, लेकिन हाथ में देर से मिला, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। कई बुजुर्गों और परिवारों का कहना है कि उनकी पीढ़ियां 70-80 सालों से यहां रह रही हैं। अगर 10 से 15 फीट का हिस्सा तोड़ दिया गया तो उनके मकान और दुकानें पूरी तरह जमींदोज हो जाएंगी। सरकारी नोटिस में क्या है सख्त चेतावनी?
नगर निगम बरेली के अधिशासी अभियन्ता राजीव कुमार राठी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि सीएम ग्रिड्स फेज-3 परियोजना के तहत श्यामगंज पुल से महर्षि कश्यप चौराहा तक सड़क को चौड़ा किया जाना है। नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर नागरिक अपना कब्जा स्वयं हटा लें या मालिकाना हक के मूल दस्तावेज लेकर नगर निगम कार्यालय में प्रस्तुत हों। तय समय सीमा में कब्जा न हटाने पर नगर निगम अधिनियम, 1959 और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, जिसका हर्जाना-खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा और विधिक कार्रवाई (FIR) की जाएगी। क्या है सीएम ग्रिड योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम ग्रिड योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों के प्रमुख मार्गों को आधुनिक, सुंदर और जाममुक्त बनाना है। इसके तहत:
सड़कों को चौड़ा कर लेन सिस्टम में तब्दील किया जाता है।
राहगीरों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित फुटपाथ बनाए जाते हैं।बिजली, टेलीफोन और इंटरनेट के तारों को यूटिलिटी डक्ट के जरिए पूरी तरह अंडरग्राउंड किया जाता है।
आधुनिक स्ट्रीट लाइट्स और ग्रीन बेल्ट विकसित कर मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाता है।
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