बरेली में उर्स-ए-चेहल्लुम संपन्न:नौमहला मस्जिद में उमड़े अकीदतमंद, महफिल-ए-समां में पेश किए सूफियाना कलाम
बरेली के सिविल लाइंस स्थित नौमहला मस्जिद शरीफ परिसर में दरगाह नासिर मियां (रह.) पर हजरत ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी (रह.) का उर्स-ए-चेहल्लुम अकीदत और एहतिराम के साथ मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुरीदीन और अकीदतमंदों ने शिरकत कर बारगाह में खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम की शुरुआत नमाज-ए-फज्र के बाद कुरआन ख्वानी से हुई। इसके बाद असर की नमाज के बाद दरगाह के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सलमान अहमद नासरी चिश्ती की सरपरस्ती में महफिल आयोजित की गई। उलमा-ए-किराम ने हजरत ख्वाजा सुल्तान अहमद नासरी (रह.) की शख्सियत, दीनी खिदमात और रूहानियत पर प्रकाश डाला। इस दौरान उर्स-ए-चेहल्लुम की नजर पेश की गई। मगरिब की नमाज के बाद आम लंगर-ए-दस्तरख्वान का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर ग्रहण किया। बाद नमाज-ए-इशा महफिल-ए-समां हुई। इसमें कव्वालों और फनकारों ने ख्वाजा सुल्तान मियां की शान में मनकबत और सूफियाना कलाम पेश किए। महफिल में रंग शरीफ भी पेश किया गया। इस दौरान दरगाह वामिक मियां के सज्जादानशीन हजरत असलम मियां वामिकी ने दरगाह नासरी के सज्जादानशीन हजरत ख्वाजा सलमान मियां नासरी चिश्ती की दस्तारबंदी की रस्म अदा की। कार्यक्रम में हजरत ख्वाजा सुफियान अहमद नासिरी कुतुबी चिश्ती फरीदी, ख्वाजा शायान हसन चिश्ती, वसीम सुल्तानी, सैयद हयात मियां अबुल उलाई, ख्वाजा रिफाकत अली फरीदी, ख्वाजा अफनान अहमद नासरी और शहबाज जमाली समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अंत में मुल्क में अमन-ओ-अमान और तरक्की के लिए दुआ की गई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)