बुलंदशहर में बेमौसम बारिश से मौसम बदला:तापमान गिरा, धान की पकी फसल को नुकसान का डर; किसानों की चिंता बढ़ी
जिले में मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह बदल गया है। पिछले 12 घंटे से रुक-रुक कर लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ा है। रविवार रात करीब 11 बजे से शुरू हुई रिमझिम फुहारों का सिलसिला सोमवार सुबह तक जारी रहा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस बेमौसम बारिश ने एक तरफ जहां गर्मी और प्रदूषण से राहत दिलाई है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम में आए इस बदलाव के बाद सोमवार की सुबह 20 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ हुई। लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से अक्टूबर के महीने में ही सर्दी का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहने और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। आज का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। राहत भरी बात यह रही कि बारिश के चलते जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुधरकर करीब 120 पर पहुंच गया है, जो पिछले कई दिनों से खराब स्थिति में था। कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा हालांकि, यह बारिश शहरवासियों के लिए भले ही सुहाना मौसम लेकर आई हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। इस समय खेतों में धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार खड़ी है और कई क्षेत्रों में कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। अचानक हुई इस बारिश के कारण खेतों में खड़ी पकी हुई धान की फसल के गिरने और नमी बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, जो धान की फसल कट चुकी है और खेतों या खलिहानों में सूखने के लिए रखी है, उसके भीगने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। भीगने के कारण धान का रंग खराब होने और दाने काले पड़ने का डर है, जिससे मंडियों में फसल का उचित दाम मिलने पर भी असर पड़ सकता है। बारिश का यह असर जिले के ग्रामीण अंचलों में भी व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है।
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