नंदीग्राम में फिर ममता बनाम सुवेंदु? 6 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग ने चार राज्यों की छह सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर सबकी नजर है, जहां ममता बनर्जी के फिर से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।

Sep 07, 2026 - 19:29
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नंदीग्राम में फिर ममता बनाम सुवेंदु? 6 सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान

दि राइजिंग न्यूज | तमिलनाडु | 7 सितंबर 2026

चुनाव आयोग ने चार राज्यों की छह रिक्त सीटों पर उपचुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इनमें एक लोकसभा सीट और पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। सभी सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।उपचुनाव की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस सीट को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतरेंगी। वर्ष 2021 में इसी सीट पर उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

नंदीग्राम में फिर आमने-सामने हो सकता है मुकाबला

नंदीग्राम की राजनीति पश्चिम बंगाल में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच इस सीट पर बेहद चर्चित मुकाबला हुआ था। ममता बनर्जी को चुनाव में हार मिली थी, जिसके बाद नंदीग्राम राज्य की सबसे चर्चित राजनीतिक सीटों में शामिल हो गई।वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। उन्होंने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण अब यहां उपचुनाव की स्थिति बनी है। ऐसे में ममता बनर्जी के संभावित चुनाव लड़ने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या ममता बनर्जी फिर नंदीग्राम जाएंगी

नंदीग्राम में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने की अटकलें शुरू हो गई हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह वर्ष 2021 का वह चुनाव है, जिसमें ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने शिकस्त दी थी। अगर ममता इस बार नंदीग्राम से उतरती हैं तो मुकाबला एक बार फिर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से नंदीग्राम के लिए किस उम्मीदवार को मैदान में उतारा जाएगा। ममता बनर्जी स्वयं चुनाव लड़ेंगी या पार्टी किसी अन्य उम्मीदवार पर भरोसा करेगी, इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। लेकिन उपचुनाव की घोषणा ने इस सीट को पश्चिम बंगाल की राजनीति का केंद्र जरूर बना दिया है।

रेजीनगर में भी होगा उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की दूसरी विधानसभा सीट रेजीनगर है, जहां भी उपचुनाव कराया जाएगा। इस सीट पर हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्हें नौदा विधानसभा सीट से भी जीत मिली थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।रेजीनगर सीट खाली होने के बाद यहां दोबारा चुनाव कराने की आवश्यकता पैदा हुई। अब चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। इस सीट पर भी उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

असम की नागांव लोकसभा सीट भी शामिल

छह सीटों में एक लोकसभा सीट असम की नागांव है। इस सीट से सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था।सांसद के इस्तीफे के कारण नागांव लोकसभा सीट रिक्त हो गई थी। अब चुनाव आयोग ने इस सीट पर भी उपचुनाव कराने की घोषणा कर दी है। लोकसभा सीट होने के कारण नागांव का चुनाव राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है और यहां प्रमुख दलों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।

तमिलनाडु की दो सीटों पर भी मतदान

उपचुनाव के लिए तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों को भी शामिल किया गया है। इनमें मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन दोनों सीटों पर भी 6 अक्टूबर को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।तमिलनाडु में इन सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। उम्मीदवारों के नाम तय करने से लेकर स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने तक की तैयारियां शुरू होंगी। 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद दोनों सीटों के परिणाम सामने आएंगे।

पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर भी उपचुनाव

पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट भी उन छह सीटों में शामिल है, जहां उपचुनाव कराया जाना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार यहां भी 6 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके बाद 9 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी।थट्टानचावडी सीट के उपचुनाव का परिणाम स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। अलग-अलग राजनीतिक दल इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा सकते हैं। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ चुनावी मुकाबले की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।

छह सीटों पर उपचुनाव की पूरी तस्वीर

चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक छह रिक्त सीटों पर एक साथ उपचुनाव कराया जाएगा। इनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम, पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट तथा असम की नागांव लोकसभा सीट शामिल है।इन सभी सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। उपचुनाव के नतीजे संबंधित राज्यों की राजनीति पर असर डाल सकते हैं। खासकर नंदीग्राम पर पूरे देश की नजर रहने वाली है, क्योंकि यहां ममता बनर्जी के संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा ने मुकाबले को पहले ही दिलचस्प बना दिया है।

अब नंदीग्राम पर टिकी नजर

नंदीग्राम में उपचुनाव की घोषणा के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर इसी सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगी। वर्ष 2021 की हार के बाद यदि वह दोबारा नंदीग्राम से मैदान में उतरती हैं तो यह मुकाबला राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाएगा।फिलहाल ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि नंदीग्राम का उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा वाले मुकाबलों में शामिल रहने वाला है।

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