चीन ने लद्दाख की 28 जगहों को अपना बताया:भारत के नाम तय करने पर आपत्ति जताई, बोला- नाम बदलने से जमीन आपकी नहीं हो जाएगी

Oct 13, 2026 - 15:26
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चीन ने लद्दाख की 28 जगहों को अपना बताया:भारत के नाम तय करने पर आपत्ति जताई, बोला- नाम बदलने से जमीन आपकी नहीं हो जाएगी
चीन ने लद्दाख की 28 जगहों के नाम तय करने के भारत के फैसले पर आपत्ति जताई है। चीन ने मंगलवार को कहा कि ये इलाके उसके हैं और भारत के नाम रखने से जमीन पर मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा। भारत ने 2 अक्टूबर को इन जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे। इनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी शामिल हैं, जहां 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव हुआ था। चीन ने भारत के नाम बदलने के फैसले को अवैध बताया चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि चीन लद्दाख को भारत की ओर से बनाया गया केंद्र शासित प्रदेश नहीं मानता। चीन ने भारत के इस कदम को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि सीमा के पश्चिमी हिस्से के ये इलाके उसके हैं। माओ के मुताबिक, भारत के इस कदम से सीमा के पश्चिमी हिस्से में उन इलाकों पर चीन का दावा नहीं बदल सकता, जिन्हें वह अपना क्षेत्र मानता है। भारत ने 28 जगहों के नाम क्यों तय किए? भारत के गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक क्षेत्रों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे। इनमें पहाड़, दर्रे, ग्लेशियर, घाटियां और नदियां शामिल हैं। सरकार ने यह फैसला लद्दाख प्रशासन से बातचीत के बाद किया था। इसका मकसद सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में इन जगहों की पहचान को साफ और एक जैसा रखना है। इससे इन संवेदनशील इलाकों को पहचानना भी आसान होगा। गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी सूची में थे भारत की सूची में गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल हैं। ये पूर्वी लद्दाख के संवेदनशील इलाके हैं, जहां भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर तनाव रहा है। इन जगहों पर भारतीय सैनिक गश्त भी करते हैं। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ गया था। 5 मई को पैंगोंग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। उसी साल जून में गलवान घाटी में भी दोनों सेनाओं के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए बातचीत शुरू की। सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंता: 121 किमी का वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सीधा रास्ता अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बना ली है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता है। पूरी खबर पढ़ें…

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