चित्रकूट गोलीकांडः आरोपी श्यामाधर की भी इलाज के दौरान मौत:प्रेम-प्रसंग में चली थीं गोलियां, पूर्व मंत्री ने की सीबीआई जांच की मांग
चित्रकूट के जोरवारा गांव में नाबालिग से जुड़े विवाद में गोली लगने से घायल आरोपी श्यामाधर मिश्रा की सोमवार को प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस वारदात में उसकी चाची की पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि चाचा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। आरोपी श्यामाधर का गांव की एक नाबालिग लड़की से करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। 9 अक्टूबर को परिजनों ने उसे लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। अगले दिन लड़की की मां और चाचा ने छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत श्यामाधर के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोपी को उसी दिन जमानत मिल गई थी। आरोप है कि इसके बाद उसने शिकायत वापस लेने की धमकी दी। जमानत पर छूटने के बाद शनिवार देर रात श्यामाधर अपने दो साथियों दिनेश मिश्रा और पंकज के साथ लड़की के घर पहुंचा। वहां दरवाजे पर मौजूद उसके चाचा को गोली मार दी। उन्हें बचाने पहुंची चाची के सीने और पेट में भी तीन गोलियां लगीं। घटना के बाद पुलिस को आरोपी भी खेत में लहूलुहान हालत में मिला। बाद में उसे इलाज के लिए प्रयागराज ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार को श्यामाधर का अंतिम संस्कार किया गया। इस मामले में पूर्व मंत्री दादू प्रसाद ने दलित महिला की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वहीं, आरोपी के पिता ने भी अपने बेटे को गोली लगने की घटना की जांच कराने की मांग की है।
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