चंबल को अलग राज्य बनाने की मांग तेज:3 राज्यों के 24 जिलों को मिलाकर राज्य बनाने की मांग, इटावा में जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान

Oct 02, 2026 - 20:14
0
चंबल को अलग राज्य बनाने की मांग तेज:3 राज्यों के 24 जिलों को मिलाकर राज्य बनाने की मांग, इटावा में जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान
इटावा में गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार शाम 3 बजे किसान नौजवान मंच ने अलग चंबल प्रदेश की मांग उठाई। शहर के एक निजी गेस्ट हाउस में हुई प्रेस वार्ता में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक कुंवर रविंद्र सिंह तोमर ने उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान के चंबल क्षेत्र से जुड़े 24 जिलों को मिलाकर नया चंबल राज्य बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांग को लेकर अगले चार-पांच महीनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चंबल की उपेक्षा का लगाया आरोप रविंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आजादी के बाद से चंबल क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बजट खर्च होने के बावजूद उनके अनुसार क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने पर चंबल की अपनी पुलिस, प्रशासन और न्याय व्यवस्था होगी और क्षेत्र के विकास पर स्थानीय स्तर पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना, उत्तराखंड और झारखंड की तरह संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चंबल प्रदेश के गठन की मांग आगे बढ़ाई जाएगी। गांव-गांव चलेगा जनजागरण तोमर ने बताया कि गांधी जयंती से ‘गरीबी हटाओ, रोजगार बढ़ाओ, चलो गांव की ओर’ अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत गांवों में नुक्कड़ सभाएं और जनजागरण महापंचायत आयोजित की जाएंगी। मंच की ओर से लोगों से हस्ताक्षर कराने के बाद तीनों राज्यों की विधानसभाओं में संकल्प और भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही गई। बीहड़ की जमीन पर उद्योग लगाने की मांग तोमर ने यमुना-चंबल के बीहड़ क्षेत्र की खराब पड़ी जमीन पर उद्योग स्थापित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे कृषि योग्य जमीन को बचाने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए गांवों में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। बीहड़ में गौ सफारी बनाने का प्रस्ताव किसान नौजवान मंच ने चंबल के बीहड़ क्षेत्र में गौ अभ्यारण्य या गौ सफारी विकसित करने की मांग भी की। तोमर ने कहा कि उनके अनुसार गौशाला व्यवस्था में लगातार खर्च होता है, जबकि गौ सफारी को विकसित कर लंबे समय तक राजस्व का स्रोत बनाया जा सकता है। उन्होंने इटावा लायन सफारी का उदाहरण देते हुए बीहड़ में गौ सफारी विकसित करने की बात कही। पुरानी पेंशन बहाली की मांग मंच ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग भी उठाई। तोमर ने कहा कि अलग चंबल प्रदेश की मांग के साथ रोजगार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को भी आंदोलन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल मंच के पदाधिकारियों का नहीं, बल्कि चंबल घाटी की जनता का है। अगले चार-पांच महीनों में इटावा समेत पूरे चंबल क्षेत्र में आंदोलन को तेज करने की बात कही गई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User