'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को कई दलों का समर्थन, आप-टीएमसी और वामपंथी संगठन भी होंगे शामिल संक्षिप्त सार: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वामपंथी दलों, किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित इस आंदोलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है

Oct 10, 2026 - 11:22
0
'AAP, TMC, योगेंद्र यादव और...' CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को किन दलों ने दिया समर्थन

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को कई विपक्षी दलों, किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी संगठनों ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। वहीं, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

प्रदर्शन को किन दलों और संगठनों ने दिया समर्थन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले दलों में हैं।समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपने बयान के जरिए आंदोलन का समर्थन किया है। हालांकि, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में सीधे तौर पर शामिल होने से दूरी बनाई हुई है। विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है।

अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ होंगे शामिल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन में अपने परिवार के साथ शामिल होने की बात कही है। इससे आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिलने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी की भागीदारी को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठाए जा रहे विरोध के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी आम आदमी पार्टी की दूसरी टीम की तरह काम कर रही है। हालांकि, प्रदर्शन के समर्थक इसे लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध का हिस्सा बता रहे हैं।

अखिलेश यादव ने सरकार को दी चेतावनी

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सामाजिक माध्यम पर अपने संदेश में कहा कि सरकार ताकत के बल पर युवाओं और प्रदर्शनकारियों को रोकने में सफल नहीं होगी। उन्होंने जंतर-मंतर को नई चेतना और जागरूकता का प्रतीक बताते हुए आंदोलनकारियों के समर्थन की बात कही।अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। उनके बयान से स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी इस आंदोलन के मुद्दों के प्रति समर्थन जता रही है।

योगेंद्र यादव और ध्रुव राठी ने भी की अपील

सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को वापस लेने की मांग उठाई।इसके अलावा, आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा और यूट्यूबर ध्रुव राठी ने भी लोगों से प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों की भागीदारी से इस आंदोलन को राजनीतिक दायरे से बाहर भी समर्थन मिलने की बात सामने आई है।

प्रशांत भूषण ने लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताया

वकील प्रशांत भूषण ने भी प्रदर्शन के समर्थन में लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने इस आंदोलन को कथित मत चोरी के खिलाफ विरोध बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट होना चाहिए।प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि यदि पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकती है, तो उन्हें वहीं शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखना चाहिए। उनके बयान में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया गया है।

किसान नेताओं ने भी दिया समर्थन

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी का भी समर्थन मिला है। संगठन ने सामाजिक माध्यम पर संदेश साझा कर दोनों किसान नेताओं के प्रति आभार जताया है।किसान नेताओं का समर्थन मिलने से आंदोलन में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समूहों की भागीदारी का संकेत मिला है। प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी की गई है।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं और 23 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।इसके अलावा, खबर में 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों को रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।

मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए सीजेपी नेता

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। आयोजकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध दर्ज कराने और अपनी मांगें उठाने की तैयारी की है।इस प्रदर्शन के बीच राजनीतिक दलों, किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस की दूरी और भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के कारण इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User