कनॉट प्लेस में CJP की तिरंगा यात्रा, व्यापारियों ने पूछा- CP ही क्यों
कनॉट प्लेस में CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने बाजार में प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए व्यापार और आम जनता को होने वाली परेशानी की चिंता जताई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 16 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शाम पांच बजे सेंट्रल पार्क में समर्थकों और आम लोगों से जुटने की अपील की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दूसरी ओर, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने बाजार में प्रदर्शन आयोजित करने पर सवाल उठाते हुए व्यापारियों की आजीविका और आम लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठाया है।
तिरंगा यात्रा से पहले व्यापारियों ने उठाए सवाल
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले सवाल किया है कि विरोध प्रदर्शन के लिए कनॉट प्लेस को ही क्यों चुना गया। संगठन का कहना है कि कनॉट प्लेस राजधानी का प्रमुख व्यावसायिक और बाजार क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं। ऐसे में यहां प्रदर्शन होने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। एसोसिएशन ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित प्रदर्शन स्थलों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
व्यापारियों की अपील- हमें शांति से कमाने दें रोजी-रोटी
व्यापारी संगठन ने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन व्यापारियों को भी शांतिपूर्वक आजीविका कमाने का अधिकार मिलना चाहिए। संगठन के मुताबिक, त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में यातायात या व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इससे आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध की तैयारी
CJP की तिरंगा यात्रा का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताना बताया गया है। यह विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। पार्टी ने तिरंगा लहराकर अपनी मांगों और विरोध को सामने रखने की अपील की है। हालांकि, इन आरोपों को संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्ती, धारा 163 लागू
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए लोगों से मार्च से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
दो दिन के लिए बंद रहेगा सेंट्रल पार्क
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब CJP ने शुक्रवार शाम पांच बजे इसी स्थान पर लोगों के जुटने का आह्वान किया है। पार्क बंद रहने और पुलिस की पाबंदियों के कारण प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
शाम तीन बजे से यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली यातायात पुलिस ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए परामर्श जारी किया है। इसके अनुसार, दोपहर तीन बजे से कनॉट प्लेस और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को घर से निकलने से पहले अपने मार्ग की जानकारी लेने और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी गई है। पुलिस ने संभव होने पर निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील भी की है।
बेंगलुरु में प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली
CJP ने बेंगलुरु के टाउन हॉल में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन पुलिस ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया। खबर के मुताबिक, कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन के लिए फ्रीडम पार्क निर्धारित है। इसी वजह से टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई। यह घटनाक्रम दिखाता है कि निर्धारित प्रदर्शन स्थलों को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच मतभेद बना हुआ है।
अभिजीत दिपके ने हिरासत में लिए जाने की आशंका जताई
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं और खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। ऐसे में इस मामले में पुलिस या संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)