CM ग्रिड की सड़कों में हुआ नकली सीमेंट का इस्तेमाल:भाजपा नेता के संरक्षण में चल रहा था सिंडिकेट, बड़े प्रोजेक्टों में सप्लाई होती थी
पनकी के इस्पात नगर में नकली सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भाजपा के एक कद्दावर नेता के संरक्षण में यह पूरा सिंडिकेट चल रहा था। सामने आया कि नकली सीमेंट की बड़े पैमाने में खपत सरकारी निर्माण कार्यों में की जा रही थी। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने बताया कि फैक्ट्री संचालक ने करोड़ों रुपए की सीमेंट सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों, बहुमंजिला इमारतों, एयरपोर्ट निर्माण में की थी। यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था। फैक्ट्री संचालक धीरज गुप्ता, नीरज गुप्ता एसीसी और अंबुजा सीमेंट के डिस्ट्रीब्यूटर थे। फैक्ट्री से पुलिस को जो 500 सीमेंट की बोरियां मिली है, वह बोरियां बड़े प्रोजेक्ट में ही सप्लाई की जाती हैं। पुलिस मामले में मुंशी राहुल कुमार को अरेस्ट कर जेल भेज चुकी है, वहीं अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। एक महीने पहले अडानी ग्रुप को मिली थी जानकारी अडानी ग्रुप के कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उनकी बिजनेस टीम को सूचना मिली थी कि पनकी में उनके ब्रांड एसीसी और अंबुजा सीमेंट का नकली माल बनाकर बेचा जा रहा है। उन्होंने प्राइवेट बीम से 15 दिन में जांच करायी, जिसपर मामला सही पाया गया। इसके बाद अडानी ग्रुप की लखनऊ शाखा के अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से मामले की शिकायत की थी। पुलिस कमिश्नर ने अडानी ग्रुप की टीम के साथ अपने पीआरओ कुंवर अंशुमान सिंह को इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में छापेमारी के लिए भेजा था। जिसके बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि फैक्ट्री में एसीसी और अंबुजा सीमेंट की 1000 से ज्यादा नकली सीमेंट से भरी बोरियां और 500 खाली बोरियां बरामद हुई थीं। फैक्ट्री में दो ट्रक खड़े मिले थे, जिनमें नकली सीमेंट की बोरियां लदी हुई थीं। एक्सपायरी सीमेंट में केमिकल मिलाकर तैयार की जाती थी सीमेंट पुलिस ने फैक्ट्री संचालक नीरज गुप्ता उसके भाई धीरज गुप्ता, मेरठ निवासी सुनील मित्तल, निशांत मित्तल और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पूछताछ में मंशी राहुल कुमार ने बताया कि नीरज और धीरज की मां भगवती और महादेव इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म है, उनका कार्यालय रामादेवी में है। वह एक्सपायरी सीमेंट में केमिकल मिलाकर उसको नामी कंपनी की बोरियों में पैक कर बेंचने का काम करते थे। भाजपा नेता के भाई के पास कई सरकारी प्रोजेक्ट आरोपी नकली बोरियों की प्रिंटिंग दूसरे स्थान में कराते थे, जबकि उनकी पैकिंग इस्पात नगर स्थित वेयर हाउस में होती थी। पुलिस अधिकारियों को राहुल ने बताया कि फैक्ट्री संचालक नकली सीमेंट की इस्तेमाल प्रदेश के कई जिलों में चल रही सरकारी योजनाओं में कर रहे थे। इसके साथ ही इस सीमेंट का इस्तेमाल सीएम ग्रिड योजनाओं के तहत बन रही सड़कों, एयरपोर्ट, बड़े–बड़े पुलों, पुलिया निर्माण, बहुमंजिला इमारतों में भी किया जा रहा था। आरोप है कि एक बड़े भाजपा नेता के भाई के पास सीएम ग्रिड की सड़कों समेत अन्य सरकारी योजनाओं का ठेका है। जिनके निर्माण कार्य में नकली सीमेंट बड़ी मात्रा में खपायी जा रही थी।
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