CM के प्रयागराज कार्यक्रम पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप:सपा एमएलसी प्रत्याशी बोले- निर्वाचन आयोग से करेंगे शिकायत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को प्रयागराज में तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। तेलियरगंज में मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कसारी-मसारी में पद्मलोक आवास योजना का भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 556 लाभार्थियों को फ्लैट की चाबी सौंपेंगे। मुख्यमंत्री के इन कार्यक्रमों पर इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ऐसे कार्यक्रम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं और इनमें सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल हो रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिमा अनावरण, आवास योजना का भूमि पूजन और लाभार्थियों को चाबी वितरण जैसे कार्यक्रम मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने इन कार्यक्रमों की शिकायत निर्वाचन आयोग से करने की बात कही है। अतीक के कब्जे से मुक्त जमीन पर बनेंगे 602 फ्लैट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1:50 बजे तेलियरगंज चौराहे पर मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद शाम 4:15 बजे कसारी-मसारी में पद्मलोक आवास योजना का भूमि पूजन करेंगे। योजना के लिए चिह्नित जमीन माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई थी। इस जमीन पर 602 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इसके बाद मुख्यमंत्री पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार फ्लैटों के 556 लाभार्थियों को चाबी सौंपेंगे। चुनाव के दौरान सरकारी कार्यक्रमों पर सवाल इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया चल रही है। नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर को पूरी हो चुकी है और मतदान 23 अक्टूबर को होना है। चुनाव में 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। सपा ने डॉ. मानसिंह यादव को प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा की ओर से अशोक कुमार राठौर चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा भी प्रस्तावित है। डॉ. मानसिंह यादव का कहना है कि चुनाव के दौरान प्रतिमा अनावरण, आवास योजना का भूमि पूजन और लाभार्थियों को चाबी देने जैसे कार्यक्रमों पर निर्वाचन आयोग को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। आचार संहिता में क्या हैं नियम? आदर्श आचार संहिता के तहत चुनाव की घोषणा के बाद नई योजनाओं की घोषणा, वित्तीय लाभ देने के वादे और नई परियोजनाओं के शिलान्यास पर प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। हालांकि, पहले से स्वीकृत योजनाओं के उद्घाटन या लाभ वितरण पर रोक का फैसला कार्यक्रम की प्रकृति, परिस्थितियों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर होता है। सरकारी कार्यक्रमों को चुनाव प्रचार से जोड़ने और चुनावी लाभ के लिए सरकारी मशीनरी या संसाधनों के इस्तेमाल पर भी रोक है। किसी शिकायत पर निर्वाचन आयोग तथ्यों की जांच कर संबंधित पक्ष से जवाब मांग सकता है और जरूरत पड़ने पर उचित निर्देश जारी कर सकता है।
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