CSJMU में बीसीसीआई के मैच होंगे, क्रिकेट एकेडमी चलेगी:यूपीसीए और विवि के बीच 10 साल के लिए हुआ समझौता
सीएसजेएमयू (छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय) में अब क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने के लिए अकादमी संचालित होगी। विवि के स्टेडियम में बीसीसीआई के होम मैच भी कराए जाएंगे। इसके लिए शनिवार को विश्वविद्यालय और यूपीसीए के बीच 10 साल का अनुबंध हुआ। दोनों पक्षों ने क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स हॉल के संचालन व उपयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत विवि और बाहरी छात्रों को क्रिकेट अकादमी में दाखिला मिलेगा। खिलाड़ियों को अनुभवी कोच से प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों से सीखने का मौका मिलेगा। विवि व बाहरी छात्रों को मिलेगा दाखिला वीसी प्रो. विनय पाठक ने बताया कि स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट एकेडमी संचालित होंगी, जिसमें विवि व बाहरी छात्रों को दाखिला मिलेगा। इसके अलावा बीसीसीआई के होम मैच के समय विवि कई सुविधाएं देगा। वहीं, क्रिकेट एकेडमी के छात्रों को नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ियों से रुबरु होने का मौका मिलेगा। समझौते के तहत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, विश्वविद्यालय क्रिकेट टीम और प्रस्तावित क्रिकेट अकादमी के खिलाड़ियों को अभ्यास, प्रशिक्षण और ट्रायल के लिए प्राथमिकता मिलेगी। यूपीसीए विश्वविद्यालय की क्रिकेट अकादमी के प्रशिक्षण के लिए एक प्रमाणित और अनुभवी क्रिकेट कोच भी उपलब्ध कराएगा। अकादमी से होने वाली फीस और अन्य राजस्व पर विश्वविद्यालय का पूरा अधिकार रहेगा। स्टेडियम के लिए UPCA विश्वविद्यालय को 75 हजार रुपये प्रतिमाह प्लस लागू जीएसटी लाइसेंस शुल्क देगा। 50 बेड वाले स्पोर्ट्स हॉल की मरम्मत और रंगाई-पुताई के बाद इसके लिए 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह शुल्क तय किया गया है। भविष्य में इसकी क्षमता 100 बेड होने पर शुल्क बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये प्रतिमाह करने का प्रावधान है। प्रत्येक पांच वर्ष पूरे होने पर लाइसेंस शुल्क में 25 प्रतिशत वृद्धि का भी प्रावधान रखा गया है। ये हैं क्रिकेट स्टेडियम की खासियतें विश्वविद्यालय परिसर में बना क्रिकेट स्टेडियम आधुनिक तकनीक और खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। मैदान का आकार 85 मीटर × 75 मीटर है। इसमें देश के अलग-अलग क्षेत्रों की मिट्टी से तैयार सात टर्फ विकेट हैं। इनमें महाराष्ट्र की लाल मिट्टी से एक, ओडिशा के कालाहांडी की काली मिट्टी से दो, लाल और काली मिट्टी के मिश्रण से दो तथा उत्तर प्रदेश के उन्नाव की काली मिट्टी से दो विकेट तैयार किए गए हैं। मैदान में सैंड-प्रोफाइल तकनीक और टिफवे बरमूडा घास का इस्तेमाल किया गया है। बारिश के पानी की तेज निकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क और भूमिगत सिंचाई के लिए स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया है। स्टेडियम में करीब 3,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यहां तीन दर्शक स्टैंड हैं, जिनमें दो खुले और एक कवर्ड है। खिलाड़ियों को मिलेंगी यह सुविधाएं खिलाड़ियों की मैच के बाद रिकवरी और फिटनेस के लिए पवेलियन में सॉना, जकूजी, स्टीम बाथ और हाइड्रोथेरेपी की सुविधाएं हैं। इसके अलावा दोनों टीमों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, डाइनिंग और किचन, कॉमेंट्री बॉक्स, कैमरा लाइन, स्कोरर रूम, कमेटी रूम, प्रेस रूम और निदेशक कक्ष उपलब्ध हैं। स्टेडियम में भविष्य में फ्लडलाइट लगाने के लिए भी तकनीकी प्रावधान किए गए हैं। इस मौके पर यूपीसीए से प्रेम मनोहर गुप्ता, अरविंद श्रीवास्तव, इंटरनेशनल प्लेयर गोपाल शर्मा, विवि से डॉ. आशीष कटियार, डॉ. प्रभाकर, डॉ. श्रवण यादव और शुभम हजारिया आदि रहे।
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