CSJMU में दो समितियों का हुआ गठन:कृषि शिक्षा के नए अध्यादेश बनेंगे, लॉ स्टूडेंट्स की प्रोन्नति का पेच सुलझेगा
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने कृषि और विधि पाठ्यक्रमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल की है। परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार ने बताया कि बीएससी कृषि और एमएससी कृषि के अध्यादेशों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार करने तथा एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर प्रोन्नति में आ रही बाधा दूर करने के लिए दो अलग-अलग समितियों का गठन किया है। दोनों समितियां दूसरे विश्वविद्यालयों में प्रचलित नियमों और अध्यादेशों का अध्ययन कर अपनी संस्तुतियां देंगी। इसके आधार पर विश्वविद्यालय आगे की कार्रवाई करेगा। कृषि पाठ्यक्रमों के लिए नए अध्यादेश की तैयारी बीएससी कृषि और एमएससी कृषि पाठ्यक्रमों में सिक्स डीन कमेटी की संस्तुतियां लागू करने के संबंध में गठित समिति की अध्यक्षता कृषि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. भूपेन्द्र कुमार त्रिपाठी करेंगे। समिति में इटावा के जनता कॉलेज, बकेवर के प्रो. अशोक कुमार पाण्डेय और स्कूल ऑफ एडवांस एग्रीकल्चर एंड सोशल साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु त्रिवेदी को शामिल किया गया है। उप-कुलसचिव (परीक्षा) अंजलि मौर्या समिति की समन्वयक होंगी। बीपीआरडी की वजह से प्रोन्नति में आ रही बाधा की होगी जांच विधि पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की समस्या पर विचार करने के लिए दूसरी समिति गठित की गई है। विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रत्यावेदन देकर बताया था कि परीक्षा परिणाम में बीपीआरडी अंकित होने के कारण उन्हें अगले सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही है। इस मामले पर 12 अक्टूबर को बैठक भी हुई थी। समिति की अध्यक्षता विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पीएन त्रिवेदी करेंगे। इसमें वीएसएसडी कॉलेज, कानपुर के विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश कुमार उपाध्याय, अटल बिहारी बाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज के प्रो. शशिकान्त त्रिपाठी और डॉ. राहुल तिवारी तथा बीएनडी कॉलेज, कानपुर के डॉ. ओमेन्द्र सिंह को सदस्य बनाया गया है। उप-कुलसचिव (परीक्षा) अंजलि मौर्या समन्वयक रहेंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)