डॉक्टर ने प्रेमानंद महाराज के समर्थन में दिया बयान:बोलीं- श्रद्धा सुनी-सुनाई बातों पर नहीं, स्वयं आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की

Oct 07, 2026 - 10:10
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डॉक्टर ने प्रेमानंद महाराज के समर्थन में दिया बयान:बोलीं- श्रद्धा सुनी-सुनाई बातों पर नहीं, स्वयं आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस की
दक्षिण भारत की रहने वाली 25 वर्षों से गोंडा में रह रही डॉक्टर अनीता मिश्रा का एक अवधी बोलते हुए वीडियो बीते दिनों वायरल हुआ था। जिसको लेकर फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित तमाम लोगों ने तारीफ की थी और वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हुआ था। वहीं डॉ अनीता मिश्रा का एक और वीडियो आज बुधवार सुबह 8:00 बजे सामने आया है। उन्होंने खुद अपने व्हाट्सएप से जारी किया है जिसमें वह प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रही चर्चाओं और उनके पर फैलाई जा रही है। अफवाहों को लेकर के एक बयान देकर अफवाह फैला रहे सोशल मीडिया क्रिएटर पर निशाना साधा है। मेरी श्रद्धा किसी सुनी-सुनाई बातों पर नहीं है डॉ अनीता मिश्रा ने कहा कि ​प्रेमानंद जी महाराज के प्रति मेरी श्रद्धा किसी सुनी-सुनाई बातों पर नहीं है। मैंने स्वयं उनके सानिध्य में एक ऐसा,एक आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस किया है जिसे शब्दों में मैं वर्णन नहीं कर सकती। बस इतना कह सकती हूं कि उनके अंदर दैवीय शक्ति जरूर है। ​जहां तक उनके एक शिष्य से जुड़ी आत्महत्या की घटना की बात है,तो उस वक्त उस शिष्य के मन में क्या चल रहा था और किन हालातों में उसने ऐसा एक कठिन निर्णय लिया,इसको हम लोग बाहर बैठ के जज नहीं कर सकते। ​देखिए, संन्यास का मार्ग जो है एक बहुत ही कठिन मार्ग है। उसमें सिर्फ संसार से ही नहीं,अपनी इच्छाओं से, अपने मन के विकारों से निरंतर उसको संघर्ष करना पड़ता है। कभी कोई साधक अपने मान लीजिए आदर्शों से विचलित महसूस करता है,तो इस हद तक एक अपराधी भावना को,एक अपने मानसिक मन के अंदर मानसिक द्वंद्व को महसूस कर सकता है कि वह सुसाइड तक के बारे में सोच सकता है। ​ महाराज के प्रति मेरी श्रद्धा इसलिए किसी एक घटना को आधार बना करके किसी भी एक गुरु की साधना और उसकी जीवन भर का एक आध्यात्मिक जो अचीवमेंट है,उस पर प्रश्नचिन्ह लगाना मेरे हिसाब से सही नहीं है। ​प्रेमानंद जी महाराज के प्रति मेरी श्रद्धा जो है,वह तो जरूर मतलब अटूट है। उनके बारे में अनावश्यक अपशब्द जो भी क्रिएटर्स अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए फैला रहे हैं, तो मैं उनको कहना चाहूंगी कि याद रखिएगा। अपने मन की नीयत को जरूर परख लीजिए किसी भी अच्छे संत का सम्मान कीजिए और अगर असहमति हो तो एक मर्यादा के दायरे में रह के उसका विरोध कीजिए। ​संत की परीक्षा लेने से पहले अपने मन की नीयत को जरूर परख लीजिए। जिस दीपक से लाखों के जो है जिंदगी में रोशनी मिली हो, उसको फूंक मारने से पहले अपना लौ जरूर संभालिए।

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