डेढ़ फीट ऊपर पाइपलाइन, सीएम ग्रिड पर फिर उठे सवाल:वेस्टर्न कचहरी रोड पर हनुमान मंदिर के पास हुए निर्माण को लेकर दुकानदारों में नाराजगी

Oct 02, 2026 - 18:03
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डेढ़ फीट ऊपर पाइपलाइन, सीएम ग्रिड पर फिर उठे सवाल:वेस्टर्न कचहरी रोड पर हनुमान मंदिर के पास हुए निर्माण को लेकर दुकानदारों में नाराजगी
मेरठ में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। शुक्रवार शाम वेस्टर्न कचहरी रोड पर हनुमान मंदिर के पास डाली गई पाइपलाइन को लेकर स्थानीय दुकानदारों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पाइपलाइन नाले पर बनी पुलिया से करीब डेढ़ फीट ऊपर है। व्यस्त कमर्शियल इलाके में सड़क के ऊपर इस तरह पाइपलाइन डालने से जहां हादसे का खतरा है, वहीं बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी गंभीर हो सकती है। लोगों ने कहा कि जिस स्थान पर पाइपलाइन डाली गई है, वहां दिनभर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। आसपास बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। ऐसे में पाइपलाइन की ऊंचाई और उसकी स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि निर्माण से पहले मौके की स्थिति और भविष्य में होने वाली परेशानियों का आकलन किया जाना चाहिए था। रात में काम कराने पर भी सवाल सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पहल ने भी सीएम ग्रिड योजना के तहत हो रहे कार्यों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि योजना का काम रात के अंधेरे में कराया जा रहा है और मौके पर निर्माण की गुणवत्ता व डिजाइन की निगरानी करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आता। नाले से करीब डेढ़ फीट ऊपर पाइपलाइन डालना आम लोगों की परेशानी बढ़ाने वाला काम है। संदीप बोले- किसकी अनुमति से काम संदीप पहल ने सवाल उठाया कि आखिर किसकी अनुमति से इस तरह पाइपलाइन डाली गई। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्वीकृत ड्राइंग और तकनीकी मानकों के अनुसार किया जा रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी ड्राइंग और डिजाइन सार्वजनिक करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। पहले भी सामने आ चुकी हैं खामियां स्थानीय लोगों का कहना है कि सीएम ग्रिड योजना के काम को लेकर यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण की गुणवत्ता, सड़क की स्थिति और जलनिकासी को लेकर सवाल उठ चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मौके पर लोगों की आपत्तियों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। मांगने पर सूचना नहीं देते अधिकारी आरोप है कि योजना से जुड़ी ड्राइंग और निर्माण की तकनीकी जानकारी मांगने के बावजूद संबंधित जिम्मेदार लोग इसे दिखाने से बच रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की योजना के तहत हो रहे निर्माण में पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है। बारिश में बढ़ सकती है मुश्किल स्थानीय दुकानदारों की सबसे बड़ी चिंता जलभराव को लेकर है। उनका कहना है कि यदि पाइपलाइन और पुलिया की ऊंचाई के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई तो बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा हो सकता है। कमर्शियल क्षेत्र होने के कारण इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी होगी। लोगों ने उठाई तकनीकी निरीक्षण की मांग स्थानीय लोगों की मांग है कि मौके का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और यह जांच हो कि पाइपलाइन स्वीकृत ड्राइंग के अनुरूप डाली गई है या नहीं। फिलहाल, सीएम ग्रिड योजना के इस निर्माण ने विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता को लेकर बहस फिर तेज कर दी है।

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