दिल्ली में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान समर्थित एक कथित आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में हथियारों, कारतूसों और नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों की रेकी करने के आरोप सामने आए हैं।

दिल्ली में आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 17 जून 2026

दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी सफलता

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े पाकिस्तान समर्थित कथित आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का खुलासा करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह नेटवर्क सीमा पार बैठे संचालकों के निर्देश पर काम कर रहा था और हथियारों, कारतूसों तथा नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था। अधिकारियों के अनुसार समय रहते की गई इस कार्रवाई से कई संभावित गंभीर घटनाओं को टालने में सफलता मिली है। मामले की जांच अभी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

हथियार और कारतूस बरामद

छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन बरामद किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन से नेटवर्क के अन्य सदस्यों, संपर्क सूत्रों और संभावित विदेशी कनेक्शनों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ता था। उन्हें कम समय में अधिक कमाई और अपराध की दुनिया की चमक-दमक दिखाकर प्रभावित करने का प्रयास किया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाता था। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से कई युवाओं को नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया।

महीनों की निगरानी के बाद कार्रवाई

स्पेशल सेल को मई 2026 में इस नेटवर्क से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष अभियान शुरू किया। जांच के दौरान एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

संवेदनशील स्थानों की रेकी का आरोप

जांच में यह भी दावा किया गया है कि नेटवर्क से जुड़े कुछ लोग दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर रहे थे। कथित तौर पर इन स्थानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर विदेश में बैठे संपर्कों तक भेजे जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन जानकारियों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य एजेंसियों के भी जांच में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

ड्रोन के जरिए तस्करी की आशंका

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप ड्रोन के माध्यम से पंजाब क्षेत्र तक पहुंचाई जाती थी। इसके बाद नेटवर्क से जुड़े लोग इन खेपों को उठाकर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पहुंचाने का काम करते थे। हाल के वर्षों में सीमा पार तस्करी के मामलों में ड्रोन के उपयोग की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं।

कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, अवैध हथियार रखने और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर जांच एजेंसियां इस नेटवर्क को केवल तस्करी तक सीमित न मानकर एक संगठित आपराधिक गिरोह के रूप में भी देख रही हैं।

जांच जारी, और खुलासों की संभावना

दिल्ली Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं और संभावित वित्तीय मददगारों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए पूरे मामले पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।