कुलगाम हमले पर उमर का बड़ा ऐलान, मृतकों के परिवारों को 16 लाख सहायता
कुलगाम आतंकी हमले में मारे गए दो प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 10 लाख रुपये सहायता देने का ऐलान किया है। जिला प्रशासन की ओर से भी अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी
दि राइजिंग न्यूज़ | कुलगाम | 01 अगस्त 2026
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये तथा जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त 6 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। सरकार ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया है।
कुलगाम में आतंकी हमले से दहशत का माहौल
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकी हमले ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। देर शाम हुए इस हमले में आतंकियों ने वहां कार्यरत प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। अचानक हुई इस वारदात से मजदूरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद दो मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर उनके दुख में सहभागी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद का उद्देश्य भय और अस्थिरता फैलाना होता है, लेकिन सरकार ऐसे तत्वों के मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को घटना की गहन जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
मृतकों के परिवारों को मिलेगी 16 लाख रुपये की सहायता
जम्मू-कश्मीर सरकार ने पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से 6 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।सरकार का कहना है कि इस सहायता का उद्देश्य परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल प्रदान करना है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सहायता राशि जल्द से जल्द संबंधित परिवारों तक पहुंचाई जाए।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार हमले में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे। वे रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर आए थे और ईंट-भट्ठे पर कार्य कर रहे थे। अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए वे घर से दूर रहकर मेहनत कर रहे थे।घटना के बाद उनके परिवारों में मातम का माहौल है। प्रशासन मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा है। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे कई सवाल
इस आतंकी हमले के बाद सुरक्षा प्रबंधों को लेकर कई प्रश्न खड़े हो गए हैं। हाल के दिनों में अमरनाथ यात्रा और अन्य संवेदनशील गतिविधियों को देखते हुए घाटी में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद आतंकियों का मजदूरों को निशाना बनाना सुरक्षा तंत्र के लिए चुनौती माना जा रहा है।सुरक्षा एजेंसियां अब हमले की साजिश, आतंकियों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस घटना के पीछे सक्रिय आतंकवादी समूहों की भूमिका की गहन जांच आवश्यक है।
पहले भी प्रवासी मजदूर बन चुके हैं निशाना
जम्मू-कश्मीर में यह पहली घटना नहीं है जब प्रवासी मजदूरों को आतंकियों ने निशाना बनाया हो। बीते वर्षों में भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बाहरी राज्यों से आए मजदूरों और नागरिकों पर हमले किए गए थे। इस प्रकार की घटनाओं का उद्देश्य भय का वातावरण बनाना और विकास गतिविधियों को प्रभावित करना होता है। हालांकि सुरक्षा बल लगातार ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
सरकार ने दोहराई शांति और सुरक्षा की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार शांति, विकास और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य बिंदु
- कुलगाम में आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत।
- मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जताया गहरा शोक।
- मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये सहायता का ऐलान।
- जिला प्रशासन देगा अतिरिक्त 6 लाख रुपये।
- दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी थे।
- सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की तलाश में जुटीं।
- सरकार ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।