यस बैंक-एआरसी सौदों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

यस बैंक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध लोन ट्रांसफर मामलों की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई, खंडाला और नई दिल्ली में 17 स्थानों पर छापेमारी की है। एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध परिसंपत्ति हस्तांतरण और कथित मिलीभगत के आरोपों की जांच कर रही है।

यस बैंक-एआरसी सौदों पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 17 जून 2026

यस बैंक मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध लोन ट्रांसफर मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई, खंडाला और नई दिल्ली में एक साथ छापेमारी की है। जांच एजेंसी ने कुल 17 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया है। ईडी के अनुसार यह कार्रवाई उन वित्तीय लेनदेन और सौदों की जांच का हिस्सा है, जिनमें संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के हस्तांतरण और कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।

कई कंपनियां जांच के दायरे में

जांच के दौरान सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, सुरक्षा रियल्टी लिमिटेड, ख्याति रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड सहित कई संस्थाओं के परिसरों पर तलाशी ली गई। इसके अलावा इन कंपनियों के प्रमोटरों, निदेशकों, कर्मचारियों और यस बैंक के एक पूर्व कर्मचारी को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। एजेंसी को संदेह है कि कुछ लेनदेन में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

लोन खातों के ट्रांसफर पर सवाल

ईडी की जांच का केंद्र यस बैंक के कुछ बड़े ऋण खातों का हस्तांतरण है। जांच एजेंसी के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान कुछ लोन खातों के असाइनमेंट में कथित अनियमितताएं हुई थीं। आरोप है कि इन ऋण खातों को ऐसे तरीके से ट्रांसफर किया गया जिससे कुछ पक्षों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। एजेंसी अब पूरे वित्तीय ढांचे और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।

कथित मिलीभगत की जांच

प्रारंभिक जांच में ईडी को संदेह है कि कुछ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों और बैंक अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत के तहत सर्कुलर ट्रांजैक्शन किए गए हो सकते हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं संकटग्रस्त परिसंपत्तियों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं का दुरुपयोग तो नहीं किया गया। इसके साथ ही नीलामी प्रक्रिया और परिसंपत्तियों के मूल्यांकन की भी जांच की जा रही है।

संपत्तियों के मूल्यांकन पर भी नजर

ईडी इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं संबंधित संपत्तियों का मूल्य जानबूझकर कम तो नहीं आंका गया था। इसके अलावा कुछ दावों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए जाने और वित्तीय लाभ प्राप्त करने के आरोपों की भी जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इन पहलुओं से जुड़े दस्तावेज मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

एनसीएलटी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में

मामले की जांच अब राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया तक पहुंच गई है। ईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं लेनदारों के मतदान अधिकारों का अनुचित उपयोग तो नहीं किया गया। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और नियमों का पालन किस हद तक सुनिश्चित किया गया था।

आगे हो सकते हैं बड़े खुलासे

ईडी का कहना है कि तलाशी अभियान का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े ठोस साक्ष्य जुटाना है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल आर्थिक जगत और नियामक संस्थाओं की नजर इस मामले पर बनी हुई है। जांच के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में नए खुलासों और संभावित कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।