व्हाट्सऐप कारोबार के लिए नया नियम, अब टोकन के आधार पर लगेगा शुल्क

मेटा ने व्हाट्सऐप कारोबार मंच पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं के लिए नया टोकन आधारित शुल्क मॉडल लागू करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था एक अगस्त 2026 से प्रभावी होगी, जिसमें प्रति संदेश के बजाय टोकन की खपत के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। कंपनी का दावा है कि नई प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और छोटे उपयोगकर्ताओं को पहले की तुलना में कम खर्च उठाना पड़ेगा।

व्हाट्सऐप कारोबार के लिए नया नियम, अब टोकन के आधार पर लगेगा शुल्क

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026

मेटा ने व्हाट्सऐप कारोबार मंच पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं के लिए नया शुल्क मॉडल लागू करने का ऐलान किया है। अब प्रति संदेश के बजाय टोकन के आधार पर शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था एक अगस्त 2026 से लागू होगी और कंपनी का दावा है कि इससे शुल्क प्रणाली अधिक पारदर्शी और उपयोग के अनुरूप होगी।


व्हाट्सऐप कारोबार के लिए लागू होगा नया शुल्क नियम

मेटा ने अपने व्हाट्सऐप कारोबार मंच पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं के लिए शुल्क वसूलने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। अब तक कारोबारियों से प्रति संदेश के हिसाब से शुल्क लिया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में टोकन के आधार पर भुगतान करना होगा। कंपनी का कहना है कि यह प्रणाली वास्तविक उपयोग के अनुसार शुल्क तय करेगी। इससे कम उपयोग करने वाले कारोबारियों को पहले की तुलना में कम भुगतान करना पड़ सकता है।


टोकन आधारित शुल्क व्यवस्था क्यों लाई गई

कंपनी के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य शुल्क प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है। पहले एक छोटे और बड़े संदेश पर लगभग समान तरीके से शुल्क लगता था। अब जितने टोकन का उपयोग होगा, उसी के अनुसार भुगतान करना होगा। इससे सामान्य सवाल-जवाब या छोटे संवाद पर अपेक्षाकृत कम खर्च आएगा और उपयोगकर्ता केवल वास्तविक उपयोग का ही भुगतान करेंगे।


कब से लागू होगी नई व्यवस्था

मेटा ने जानकारी दी है कि टोकन आधारित शुल्क प्रणाली एक अगस्त 2026 से लागू होगी। यह नियम उन सभी कारोबार खातों पर लागू होगा जो व्हाट्सऐप कारोबार मंच पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कारोबारी सहायक का उपयोग करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद संदेशों की संख्या के बजाय टोकन की खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा।


कितना देना होगा शुल्क

कंपनी ने दुनिया भर के लिए एक समान शुल्क निर्धारित किया है। एक करोड़ नहीं बल्कि दस लाख टोकन के उपयोग पर दो अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग एक सौ नब्बे रुपये का शुल्क लिया जाएगा। कंपनी के अनुसार सामान्य बातचीत में लगभग बीस हजार से पच्चीस हजार टोकन खर्च होते हैं। ऐसे में एक औसत बातचीत की अनुमानित लागत लगभग चार से पांच रुपये के बीच रहने की संभावना है।


कारोबारियों पर क्या पड़ेगा असर

नई व्यवस्था का सबसे अधिक असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जो बड़ी संख्या में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कारोबारी सहायक का उपयोग करते हैं। छोटे और सामान्य संवाद के लिए अब पहले की तुलना में कम भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं अधिक जटिल और लंबे संवाद में टोकन की खपत बढ़ने पर शुल्क भी उसी अनुपात में बढ़ेगा। इससे कारोबारियों को अपने उपयोग का बेहतर आकलन करने में सुविधा मिलेगी।