देश में विधि की पढ़ाई महंगी और गुणवत्ता घट रही:सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रयागराज सम्मेलन में जताई चिंता

Oct 04, 2026 - 16:24
0
देश में विधि की पढ़ाई महंगी और गुणवत्ता घट रही:सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रयागराज सम्मेलन में जताई चिंता
प्रयागराज में रविवार को 22 राज्यों के लॉ स्टूडेंट्स का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। अलोपीबाग स्थित सरदार पटेल सेवा संस्थान में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) की पहल पर हुए इस सम्मेलन में सस्ती कानूनी शिक्षा, लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस चेलमेश्वर समेत कई प्रमुख लोगों ने विचार रखे। जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि विधि की शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। इसके साथ ही पढ़ाई की गुणवत्ता भी कम हो रही है। कानूनी पेशे में नैतिकता और मूल्यों का भी ह्रास हुआ है। उन्होंने कहा कि एक समय वकालत को समाज में आदर्श पेशा माना जाता था, लेकिन भ्रष्टाचार और गलत तरीकों के इस्तेमाल से इसकी गरिमा कम हुई है। उन्होंने न्याय व्यवस्था में लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के हनन पर भी चिंता जताई। प्रशांत भूषण बोले- नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष जरूरी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि आज लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं में नियुक्तियों पर उठ रहे सवालों का जिक्र किया। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने का भी आरोप लगाया। प्रशांत भूषण ने कहा कि नौजवान वकीलों और कानून के छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों और कानूनी नैतिकता की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। 5.22 करोड़ मुकदमे लंबित होने पर जताई चिंता AIDSO के राष्ट्रीय महासचिव शिवशीष प्रहराज ने कहा कि देश की अदालतों में 5.22 करोड़ से ज्यादा मुकदमे लंबित हैं। ऐसे में कानूनी शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों और पेशेवर नैतिकता के प्रति जागरूक बनाना भी होना चाहिए। मानवाधिकार संगठन CPDRS के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वारकानाथ रथ ने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आंदोलन करने की जरूरत बताई। सम्मेलन में कानून की पढ़ाई की फीस, छात्रवृत्ति, रोजगार, इंटर्नशिप और कॉलेजों में सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User